मानवता सबसे बड़ा धर्म: सड़क हादसे में घायल महिला की विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने बचाई जान
बावड़िया गांव के समीप हादसा, वाहन रोककर स्वयं अस्पताल पहुंचाया, समय पर उपचार मिलने से मिली राहत

संवेदनशील जनप्रतिनिधि की तत्परता की क्षेत्रभर में सराहना, घायल महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
सन्तोष परमार
कल्याणपुर । जनप्रतिनिधि केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि अपने मानवीय व्यवहार और संवेदनशीलता से भी लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाते हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया कल्याणपुर क्षेत्र के दौरे पर जा रहे थे। इसी दौरान बावड़िया गांव के समीप एक सड़क दुर्घटना में शांति मेडा गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ी थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. भूरिया ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत अपना वाहन रुकवाया। उन्होंने स्वयं घायल महिला की स्थिति का जायजा लिया और समय की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अपने वाहन में बैठाकर तत्काल कल्याणपुर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों को तुरंत उपचार प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, जिससे घायल महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।

दौरा छोड़ पहले निभाया मानवता का धर्म
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत क्षेत्रीय दौरे पर जा रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें सड़क दुर्घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अपने कार्यक्रम से पहले घायल महिला की सहायता को प्राथमिकता दी। उनकी इस संवेदनशील पहल ने यह संदेश दिया कि जनसेवा केवल मंचों और घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े होने का नाम है।

क्षेत्रवासियों ने की मानवीय पहल की सराहना
विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया द्वारा दिखाई गई तत्परता और मानवीय संवेदना की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो घायल महिला की स्थिति और गंभीर हो सकती थी। विधायक की इस पहल ने आमजन के बीच उनकी संवेदनशील और जनसेवा के प्रति समर्पित छवि को और मजबूत किया है।

शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना
घायल शांति मेडा का उपचार अस्पताल में जारी है। क्षेत्र के नागरिकों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया के इस मानवीय कार्य को अनुकरणीय बताया। लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज में सेवा, संवेदना और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।





