झाबुआ में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते कर्मचारी का पति रंगे हाथों गिरफ्तार

झाबुआ । भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान के तहत लोकायुक्त इंदौर की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आयुष कार्यालय झाबुआ से जुड़े मामले में रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के निर्देश एवं डीआईजी मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक कमल सिंह ठाकुर (63 वर्ष), निवासी अंबिका चौक पेटलावद, जो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से कम्पाउण्डर पद से 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश एवं समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्त होना था। इन समस्त भुगतान प्रक्रियाओं के बिल तैयार करने एवं कोषालय से राशि निकलवाने के एवज में उनसे 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
इस संबंध में आवेदक द्वारा लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसकी जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 20 मार्च 2026 को लोकायुक्त टीम द्वारा ट्रैप दल का गठन कर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान आरोपी सहायक ग्रेड-2 श्रीमती रत्नाप्रेम पंवार द्वारा रिश्वत राशि लेने के लिए अपने पति नरेन्द्र पंवार को भेजा गया। जैसे ही आवेदक ने झाबुआ के राजगढ़ चौराहे पर 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि आरोपी को दी, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस मामले में आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस की धारा 61(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस ट्रैप कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक श्री सचिन पटेरिया के नेतृत्व में आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कमलेश तिवारी सहित महिला आरक्षक पूजा तोमर एवं जान्हवी सेंगर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।





