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फर्जी सिम गिरोह का पर्दाफाश: एक ही चेहरे से 66 सिम एक्टिवेट

“ऑपरेशन F.A.C.E.” के तहत झाबुआ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी आधार से किया गया खेल उजागर 

झाबुआ । जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने “ऑपरेशन F.A.C.E. (Facial Authentication Compliance Enforcement)” के तहत कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर दर्जनों सिम कार्ड अलग-अलग नामों और पतों से सक्रिय किए गए।

दिनांक 2 अप्रैल 2026 को रायपुरिया थाना पुलिस ने राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की। जांच के दौरान Department of Telecommunication के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित Facial Recognition Tool (ASTR) से प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया गया। इस विश्लेषण में खुलासा हुआ कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर 66 मोबाइल सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए।

पुलिस जांच में पाया गया कि सभी सिम कार्डों में फोटो पुरुषोत्तम पाटीदार का उपयोग किया गया था, जबकि नाम और पते अलग-अलग दर्ज किए गए थे। यह सिम कार्ड वेरिफिकेशन एजेंट योगेश पाटीदार द्वारा सत्यापित किए गए थे।

आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड तैयार कर एक ही व्यक्ति का फोटो लगाकर अलग-अलग पहचान बनाकर सिम कार्ड जारी कराए। इन सिम कार्डों का उपयोग विभिन्न अवैध गतिविधियों में किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे साइबर अपराध को बढ़ावा मिल सकता था। पुलिस ने इस मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, अन्य संभावित लिंक और नेटवर्क की भी गहनता से जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों का दुरुपयोग न होने दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Navinata Akhbaar
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