राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं चंद्रशेखर आजाद : विभा जैन
मेट्रो एजुकेशन एकेडमी में चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर विविध कार्यक्रम आयोजित

मेट्रो एजुकेशन एकेडमी में चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर विविध कार्यक्रम आयोजित
थांदला। मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय में महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय संचालकों द्वारा दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका विभा जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस, त्याग और स्वाभिमान का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देकर देशभक्ति की अमिट मिसाल कायम की। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर आजाद ने संकल्प लिया था कि वे जीवनभर अंग्रेजों के हाथ जीवित नहीं आएंगे। अपने इसी संकल्प को निभाते हुए इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से घिर जाने पर उन्होंने स्वयं को गोली मारकर मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

विभा जैन ने कहा कि आजाद का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका साहस, आत्मसम्मान और देश के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” का उद्घोष कर देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई। तिलक ने राष्ट्रीय चेतना को जागृत कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की और भारतीय इतिहास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर आधारित भाषण, कविता, कहानी एवं जीवन परिचय प्रस्तुत किए। साथ ही रंगोली के माध्यम से चंद्रशेखर आजाद की आकर्षक आकृति बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर अशोक शर्मा, भूषण भट्ट, विद्यालय के उपप्राचार्य जितेंद्र प्रजापत सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कविता पंदा ने किया। विद्यालय परिवार ने अंत में सभी विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं देशसेवा के आदर्शों का पालन करने का संकल्प दिलाया।





