थांदला में बना नाकोड़ा धाम कर रहा सबकी मनोकामना पूरी
मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र के भक्तों की लगती है कतार

थांदला । राजस्थान के मेवानगर स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ महातीर्थ के अधिष्ठायक देव पुरुषादानी पार्श्वनाथ भगवान एवं क्षेत्रपाल नाकोड़ा भैरव की महिमा देशभर में विख्यात है। इन्हीं की असीम कृपा और आशीर्वाद से आज थांदला में स्थापित नाकोड़ा धाम हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहाँ मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ लेकर पहुँचते हैं।
बताया जाता है कि नाकोड़ा भैरव के अनन्य भक्त मुकेश चौधरी को नागदा नाकोड़ा धाम के स्वर्गीय सुरेशचंद्र जैन (मामाजी) के दिव्य आशीर्वाद तथा गादीपति मुकेश जैन के मार्गदर्शन से थांदला में नाकोड़ा धाम का दरबार लगाने की प्रेरणा प्राप्त हुई। इसके बाद शुरू हुई यह सेवा आज जन-जन की आस्था का केंद्र बन चुकी है। धाम के गादीपति मुकेश चौधरी के सान्निध्य में प्रत्येक माह हर रविवार एवं पूर्णिमा (पूनम) के दिन विशेष गादी का आयोजन किया जाता है।

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इन अवसरों पर नाकोड़ा भैरव दादा की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा शारिरिक, मानसिक, आर्थिक व पारिवारिक संकट दूर होकर उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यहाँ आने वालों ने साक्षात चमत्कार का अनुभव भी देखा है यही कारण है गुजरते समय के साथ सैकड़ों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ धाम पहुँचकर दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने वालों संख्या में बढोतरी भी हो रही हैं।
आज थांदला का नाकोड़ा धाम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और जनसेवा का ऐसा केंद्र बन चुका है, जहाँ हर वर्ग का व्यक्ति अपनी आस्था के साथ पहुँचकर आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव करता है।





