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द्वि शताब्दी गुरुराज स्नात्र पूजा महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को शांति स्नात्र पूजा पुनः प्रारंभ

तीन वर्षों से निरंतर चल रही प्रभु भक्ति की अनूठी परंपरा, बच्चों का तिलक-मालाओं से हुआ स्वागत

थांदला । स्थानीय श्री बड़े मंदिरजी में द्वि शताब्दी गुरुराज स्नात्र पूजा महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाली शांति स्नात्र पूजा का शुभारंभ पुनः रविवार, 2 अगस्त 2026 से किया गया। इस अवसर पर बच्चों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर प्रभु भक्ति का लाभ लिया।

थांदला में पिछले तीन वर्षों से प्रत्येक रविवार नियमित रूप से स्नात्र पूजा का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के कारण यह आयोजन कुछ समय के लिए स्थगित था, जिसे अब पुनः प्रारंभ कर दिया गया है।

पूजा प्रारंभ होने पर श्रीसंघ के वरिष्ठजनों एवं महिला मंडल की पदाधिकारियों ने सभी बच्चों का कुमकुम-चावल से तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर लगभग 18 बच्चों ने शांति स्नात्र पूजा, शांति कलश, चैत्यवंदन एवं गुरु वंदन का लाभ लिया। पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रभावना वितरित की गई।

कार्यक्रम में श्रीसंघ के वरिष्ठ सदस्य उमेश बी. पींचा, रमनलाल मुथा, नितेश पोरवाल, तेजस कटारिया, चंद्रकांत पींचा एवं जिनेंद्र लोढ़ा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिला मंडल की ओर से पूर्णिमा पोरवाल, नीता लोढ़ा, संगीता जी, प्रतिभा लोढ़ा, किरण पोरवाल, पिंकी पावेचा सहित कई महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

पूजा में जय जैन, महक जैन, आरोही जैन, प्रियांशी पोरवाल, श्रेयांश पोरवाल, भूमि पोरवाल, रायशा छिपानी, आदेश फुलफग्गर, चिराग फुलफग्गर, दीर्घ पींचा, वंशिका पींचा, अन्वी जैन, निधान सकलेचा, आयुष जैन सहित अन्य बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महिला मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा पोरवाल ने बताया कि प्रत्येक रविवार को होने वाली इस पूजा का उद्देश्य बच्चों में धर्म, संस्कार एवं प्रभु भक्ति के प्रति रुचि विकसित करना है, ताकि नई पीढ़ी जैन संस्कृति एवं परंपराओं से निरंतर जुड़ी रहे।

Navinata Akhbaar
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