देशमध्यप्रदेश

पटवारी के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग

प्रशासन की बिना अनुमति के होने वाले आंदोलन पर सख्त रवैया अपनाना चाहिए

पेटलावद । मध्यप्रदेश पटवारी संघ के द्वारा एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपते हुए भारतीय किसान संघ के द्वारा रामगढ के पटवारी राजेश अलावा के साथ अभद्र व्यवहार करने और मोबाइल छिनने और कागज फाडने की शिकायत करते हुए मांग की है कि उनके विरूद्व कार्यवाही की जाए।

कार्यवाही हो नहीं तो आंदोलन होगा।

पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि दिनांक 18 सितम्बर को भारतीय किसान संघ के द्वारा रामगढ की लाडकी नदी में सोयाबीन के भाव बढाने संबंधि जल सत्याग्रह किया जा रहा था। इस दौरान ग्राम रामगढ के पटवारी राजेश अलावा के साथ भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष व अन्य व्यक्तियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया और मोबाइल छिना तथा कागजात फाड दिये। इस कारण से पटवारी भयभीत है। जल सत्याग्रह के दरम्यान हल्का पटवारी द्वारा अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होकर अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन किया गया है। पटवारी के अपने पदीय कर्तव्यों के दौरान भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष व अन्य व्यक्तियों द्वारा उक्त कार्य किया गया है। ऐसी स्थिति में पटवारी संघ पेटलावद द्वारा भारतीय किसान संघ पेटलावद के अध्यक्ष और अन्य व्यक्तियों के विरूद्व वैधानिक कार्यवाही करने की मांग करता है ।

पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि समयावधि में यदि वैधानिक कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में पटवारी संघ पेटलावद आंदोलन करने हेतु मजबूर होगा।

 

 पटवारी के साथ अन्य अधिकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार।  

 

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के द्वारा पटवारी सहित अन्य अधिकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया है। यहां तक की नियम विरूद्व आत्महत्या करने तक की धमकी दी गई है।

 

किस मांग से शुरू हुआ और कहां खत्म हुआ आंदोलन।

 

खिर सोयाबीन के भाव बढाने में एसडीएम या कलेक्टर क्या कर सकते है। भारतीय किसान संघ के द्वारा किया गया जल सत्याग्रह केवल एडिशनल एसपी को ज्ञापन दे कर समाप्त हो गया। आखिर किस मुद्दे को लेकर सत्याग्रह किया गया था और किस प्रकार उसे समाप्त कर दिया गया। पूर्व में भी कई ऐसे आंदोलन हुए जिनका जन हित से कोई नाता नहीं रहा। केवल अधिकारियों के बीच अपनी पेढ बनाने के लिए इस प्रकार के आंदोलन कर किसानों को भी गुमराह किया जा रहा है और अपनी राजनितिक रोटियां सेकी जा रही है। प्रशासन द्वारा इस प्रकार के दबाव समूहों पर पूर्व में भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जिस कारण से इनके हौसले बुलंद हुए और इस प्रकार के स्क्रीप्ट वाले आंदोलन किये जा रहे है।प्रशासन को इस प्रकार के आंदोलन करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाना चाहिए और बिना अनुमति किये जाने वाले आंदोलन पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।

Navinata Akhbaar
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