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थांदला से मुख्यमंत्री ने दी विकास और महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक सौगात

₹300 करोड़ का ऋण वितरण, ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, प्राकृतिक खेती और जनजातीय संस्कृति को मिला नया आयाम

₹300 करोड़ का ऋण वितरण, ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, प्राकृतिक खेती और जनजातीय संस्कृति को मिला नया आयाम

थांदला । झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय कॉलेज ग्राउंड शुक्रवार को प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम का साक्षी बना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों को ₹300 करोड़ का ऋण वितरित कर महिला सशक्तिकरण को नई गति दी, वहीं झाबुआ जिले को ₹283.81 करोड़ के 57 विकास कार्यों की सौगात देते हुए 29 कार्यों का भूमिपूजन एवं 28 कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाओं, किसानों और जनजातीय समाज की उपस्थिति ने इसे प्रदेश के सबसे बड़े ग्रामीण विकास आयोजनों में शामिल कर दिया।


मुख्यमंत्री का स्वागत जनजातीय गौरव पथ पर पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित कलाकारों ने आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत कर किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित “आजीविकानो मेला” लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा, जहां जनजातीय कार्य विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, उद्यानिकी, आयुष, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं, स्थानीय उत्पादों, वन उपज, हस्तशिल्प, प्राकृतिक खेती, औषधीय पौधों और जनजातीय संस्कृति की जीवंत प्रदर्शनी लगाई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वयं सहायता समूह प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुके हैं। महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने से परिवार और समाज दोनों समृद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों के लिए भविष्य की खेती है, जो लागत कम कर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाती है। मुख्यमंत्री ने मेघनगर की कृषि सखी संगीता डामोर तथा ग्राम खेड़ी के प्रगतिशील किसान विमल भाबोर से संवाद कर उनके अनुभव जाने और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने थांदला में हेलीपैड निर्माण, झाबुआ में खेल परिसर, पीपलखूंटा एवं थांदला में पद्मावती नदी पर घाट निर्माण, जनजातीय क्षेत्रों में पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को विद्यालयीन गणवेश उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चारोलीपाड़ा में लगभग ₹70 करोड़ की लागत से बनने वाले आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भूमिपूजन भी किया।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 215 स्वयं सहायता समूहों को ₹10.08 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। पशुपालन, उद्योग, आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, खाद्य प्रसंस्करण, महिला एवं बाल विकास तथा किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। बोर्ड परीक्षाओं के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान तथा किसानों को हेलमेट वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, विधायक एवं मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की शासी निकाय सदस्य श्रीमती कलावती भूरिया, जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, प्रदेश प्रवक्ता कलसिंह भाबर, संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद एवं नगर परिषद के जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, किसान और नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने जनजातीय अंचल में महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती, स्वरोजगार, अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक साथ नई दिशा देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा झाबुआ जैसे जनजातीय जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

Navinata Akhbaar
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