
तेजमल गाहरी
राणापुर । ॐ पुण्याहम पुण्याहम ॐ प्रियन्ताम प्रियन्ताम के स्वरों के बीच पहले सुविधिनाथ जिनमंदिर उसके बाद दादावाड़ी पर वार्षिक ध्वजारोहण हुआ।दोनों ही जगह बड़े उत्साह के साथ समाजजनों ने सहभागिता की।सुविधिनाथ जिनमंदिर पर ध्वजा के लाभार्थी सोहनलाल सोभागमल सेठ एवं फ़ौजमल मगनीराम सेठ परिवार रहे।अष्ट प्रकारी पूजन के पश्चात ध्वजा को अक्षत से बधाया गया।इसके पश्चात सर पर ध्वजा रखकर मंदिर की परिक्रमा की गई।योगेंद्र सेठ ने मंदिर के शिखर पर चढ़कर पुरानी उतारकर नई ध्वजा फहराई।जितेंद्र कुमार सेठ परिवार की ओर से सुविधिनाथ भगवान को चांदी का छत्र अपर्ण किया गया।आरती के बाद
प्रभावना बांटी गई।

दादावाड़ी के रजत जयंती ध्वजारोहण पर विशेष आयोजन- पुण्य सम्राट आचार्य देवेश श्रीमद्विजय जयंतसेन सुरीश्ववर जी द्वारा प्रतिष्ठित दादावाड़ी की 25 वीं वर्षगांठ थी।इसे लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह देखा गया।बेंड बाजो के साथ एक शोभायात्रा निकाली गई।आयोजन को साध्वी श्री डॉ अमृत रसा श्री जी आदि ठाना 3 की निश्रा मिली।शोभायात्रा सरदार मार्ग,एमजीरोड़, पुराना बस स्टैंड, सुभाष चौपाटी ,आजाद मार्ग,लक्ष्मीबाई मार्ग,शिवाजी चौक, एकता गली होकर दादावाड़ी पहुंची।जगह जगह लोगो ने ध्वजा का पूजन किया।महाविदेह मधुकर धाम में सीमंधर स्वामी भगवान के दर्शन वंदन किये गए।दादावाड़ी में विधिकारक अनिल हरण ने मंत्रोच्चार के साथ ध्वजा का अष्ट प्रकारी पूजन करवाया।इसके बाद लाभार्थी परिवार ने ध्वजारोहण किया।जय जयकार के नारो से परिसर गूंज उठा।दादावाड़ी निर्माता शांतिलाल नानालालजी सकलेचा का बहुमान श्री संघ, सीमंधर राजेंद्र ट्रस्ट की ओर से राजेंद्र सियाल, रमेशचंद्र नाहर, मितिन सकलेचा, सुरेश समीर,रमणलाल कटारिया, कमलेश कटारिया,प्रदीप भन्साली एवं अन्य ने किया।तरुण परिषद की ओर से अवि सकलेचा, अक्षय सकलेचा, प्रणय कटारिया एवं अन्य ने किया।संचालन कमलेश नाहर ने किया।इसके बाद गुरुदेव व पुण्य सम्राट की आरती उतारी गई।सकल श्री संघ का स्वामीवात्सल्य लाभार्थी परिवार की ओर से हुआ।दोपहर में गुरु पद महापूजन पढ़ाई गई।आकर्षक पूजा मंडल बनाया गया।
प्रभावना वितरित की गई।






