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कक्षा 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए अपडेट, कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं-12वीं के छात्रों की कॉपियों का मूल्यांकन का कार्य शुरू हो गया है। उत्तरपुस्तिकाओं को 45 दिनों में जांचना का लक्ष्य रखा गया है। खास बात ये है कि इस बार मूल्यांकनकर्ताओं को  प्रशिक्षण दिया गया है, ऐसे में कॉपियों का तीन स्तरों पर मूल्यांकन होगा। इसमें मुख्य परीक्षक, उप मुख्य परीक्षक और परीक्षक शामिल हैं।

दरअसल, 1 मार्च तक जितने पेपर हो चुके है उनका पहले चरण का मूल्यांकन 13 मार्च से शुरू हो गया है।इसके लिए करीब 5,000 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।हाईस्कूल के 6 विषयों के लिए प्रत्येक विषय में करीब 60-60 शिक्षक और हायर सेकेंडरी के विषयों के लिए करीब 30-30 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।दूसरे चरण का मूल्यांकन 21 मार्च से शुरू होगा। इसके लिए करीब 40 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

कॉपी जांचने के लिए ऐसी रहेगी व्यवस्था

 इस बार एक शिक्षक एक दिन में अधिकतम 45 कॉपी ही जांच सकेंगे। पहले राउंड में उन्हें 30 कॉपी जांचने को मिलेगी, इसके बाद नियमानुसार 15 कॉपी दी जाएगी। कॉपी जांचने के लिए प्रति कॉपी 15 और 12वीं की कॉपी जांचने के 16 रुपए का भुगतान किया जायेगा।

अगर किसी विद्यार्थी ने एक ही प्रश्न के उत्तर को कई बार लिखा है, तो परीक्षक एक ही उत्तर का मूल्यांकन कर अंक की गणना करेंगे।

परीक्षक के उत्तरपुस्तिका जांचने के बाद उप मुख्य परीक्षक पुन: परीक्षण करेंगे कि कहीं कोई त्रुटि तो नहीं है।

मूल्यांकन केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। करीब 200 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर ही जैमर लगाए जाएंगे।

जिन छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक होंगे उनकी कॉपी दोबारा चेक करें।। इसे विषय शिक्षक के अलावा मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक भी चेक करें मेरिटोरियस स्टूडेंट की कॉपी की जांच फिर से होगी।

सभी शिक्षकों को आंसर की उपलब्ध करवाई जाएगी वे इसका उपयोग अवश्य करें जिससे गलती न हो सके।

मूल्यांकन के बाद शिक्षक दो से तीन बार नंबर की गणना करें जिससे गलती की गुंजाइश न के बराबर हो।

अगर मूल्यांकनकर्ता द्वारा औसत मूल्यांकन किया गया होगा, तो उस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित शिक्षक द्वारा अंकों की प्रविष्टि करने के बाद इच्छुक होने पर 15 उत्तरपुस्तिकाएं और प्रदान की जा सकती हैं। बिना बारकोड लगे उत्तरपुस्तिकाओं को मंडल कार्यालय भेजना होगा।

परीक्षक द्वारा ऑनलाइन भरे गए अंकों की जांच भी की जाएगी।अगर अंक भरने में गलती मिलेगी तो परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक दोनों पर कार्रवाई होगी।

अगर कॉपी चैकिंग में एक नंबर की गलती भी सामने आती है तो कॉपी जांचने वाले संबंधित शिक्षक पर 100 रुपए का जुर्माना लगाया जायेगा और इसके साथ ही उन्हें आगे कॉपियों की जांच के लिए ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।

इस बार ऐसी है एमपी बोर्ड में अंक योजना

नए पैटर्न के मुताबिक , इस बार दो अंक के छोटे प्रश्नों की संख्या ज्यादा तो दीर्घउत्तरीय बड़े प्रश्नों की संख्या कम होंगी।

वस्तुनिष्ट प्रश्न 30 अंक के होंगे 10वीं में प्रश्नपत्र 75 अंक और आंतरिक मूल्यांकन 25 अंक का होगा 12वीं का प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 70 अंक का और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा।

नॉन प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 80 अंक का होगा।जो विषय प्रेक्टिकल वाले हैं उनकी परीक्षा 70 अंकों की होगी और प्रेक्टिकल मार्क्स 30 नम्बर के होंगे।

Navinata Akhbaar
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