शिक्षक साधारण को असाधारण बनाने वाले शिल्पकार
शिक्षक केवल अध्ययन नहीं कराते, वे मिट्टी को गढ़कर सुंदर मूर्ति निर्माण करते हैं

संदीप वर्मा
थांदला । मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला में 5 सितम्बर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाला शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रारंभ में अशोक शर्मा, नितिन श्रीवास्तव, रवि निनामा, आकाश पवार, सौरभ दोहरे, वरुण शर्मा और भूषण भट्ट द्वारा सरस्वती माता और डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया इस अवसर पर विधालय के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना का गायन किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा सभी शिक्षकों को तिलक, अक्षत और पुष्पगुच्छों से आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक भूषण भट्ट द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि हमारे जीवन में पहली नींव माता पिता रखते हैं,और उसे मजबूत आकर देने का कार्य शिक्षक गण करते हैं। शिक्षक केवल अध्ययन नहीं कराते, वे मिट्टी को गढ़कर सुंदर मूर्ति निर्माण करते हैं। साधारण से साधारण विद्यार्थी को भी इस प्रकार से संवारते है कि वह विद्यार्थी भी असाधारण बन जाता है। शिक्षक की विद्यार्थी के जीवन में एक मार्गदर्शक और जीवन निर्माता व आत्मविश्वास जगाने तथा कठिन मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करने वाली भूमिका होती है। जिस प्रकार एक शिल्पकार पत्थर को तराशकर उत्कृष्ट कलाकृति बनाता है उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों के दोषों को दूर कर के उन्हें काबिल बनाता है। जैसे एक मजबूत भवन के लिए पक्की नींव आवश्यक होती है ठीक वैसे ही बेहतर जीवन के लिए विद्यार्थी के लिए शिक्षक का सानिध्य और मार्गदर्शन अतिआवश्यक है। शिक्षक आज भी उतने ही महत्वपूर्ण है जितने पहले थे। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ साथ नैतिक मूल्यों,सामाजिक संस्कार और मानवता की रोशनी बच्चों के जीवन में भरनी होगी। शिक्षक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता होते है। यदि वे बच्चों में केवल ज्ञान नहीं बल्कि संस्कार और आत्मविश्वास भी भरे तो समाज को योग्य जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक मिलेंगे और यहीं एक शिक्षक की सबसे बड़ी सफलता भी होती है।इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में सांस्कृतिक प्रस्तुति और भाषण व संस्कृत में श्लोक बोल कर शिक्षकों के महत्व की व्याख्या की कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की विद्यार्थी जिज्ञासा और डोली द्वारा किया गया। आभार विद्यालय के विद्यार्थी नितिन श्रीवास द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक कल्याण मंत्र बोल कर किया गया।





