पीएमयुएम शिक्षक संघ ने शिक्षकों के लिए – शिक्षकों के द्वारा शुरू की गई कर्मचारी कल्याण कोष योजना

इमरान खत्री
आलीराजपुर । शिक्षकों के हित में एक सराहनीय पहल करते हुए पीएमयूएम शिक्षक संघ मध्यप्रदेश द्वारा कर्मचारी कल्याण कोष योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना पूरी तरह से शिक्षकों के लिए और शिक्षकों द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य असमय दिवंगत हो चुके शिक्षक साथियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्यविभाग के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी अधिकारी होंगे पात्र
प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ (पीएमयूएमएस) जिलाध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने बताया कि संगठन के द्वारा कर्मचारी कल्याण कोष योजना लागु कि है, जिसमें शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्यविभाग में नियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी सहायक आयुक्त,डीपीसी एपीसी, बीईओ, बीआरसी, बीएसी, सीएसी, कार्यलय सहायक,भ्रत्य तथा विभाग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, व्याख्यता, प्राचार्य, एवं राज्य शिक्षा सेवा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक तथा संविदाकाल में पदस्थ नवीन शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष हेतु पात्र हैं।
न किसी संगठन की बाध्यता,न कोई शुल्क
जुड़ने के लिए वेबसाईट www.pmums.com जारी कि गईं हैं। इस योजना की विशेष बात यह है कि यह किसी भी संघ या संगठन से परे है। चाहे शिक्षक किसी संगठन में पदाधिकारी हों या सामान्य सदस्य-हर कोई इससे जुड़ सकता है। योजना के लिए www.pmums.com वेबसाइट पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण किया जा सकता है।
हर दिन बढ़ रही सहभागिता, कई शिक्षकों ने कराया पंजीयन
अभी तक दस हजार से अधिक शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने पंजीयन करवाया हैं l हर दिन सैकड़ों शिक्षक इस योजना से जुड़ रहे हैं,जो इसे एक व्यापक शिक्षक मिशन का रूप दे रहे हैं। योजना के मेंबर सेक्शन में जाकर यह देखा जा सकता है कि कितने शिक्षक साथी पहले ही इस पुनीत कार्य से जुड़ चुके हैं।
जितने अधिक सदस्य, उतनी अधिक सहायता
तोमर ने कहा कि योजना का आधार आपसी सहभागिता और सहयोग पर टिका है। जितने अधिक शिक्षक इस योजना में पंजीकृत होंगे, उतनी अधिक आर्थिक सहायता दिवंगत शिक्षकों के परिवारों तक पहुँचाई जा सकेगी। यह सामूहिक सहभागिता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
सभी शिक्षकों से योजना का लाभ उठाने की अपील
पीएमयूएम शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने अपील की है कि प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी साथी इस योजना से स्वयं जुड़ें और दूसरों को भी प्रेरित करें। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की एकजुटता और संवेदनशीलता का प्रतीक है।





