
संतोष परमार
कल्याणपुरा । कल्याणपुरा में कई वर्षों से चली आ रही प्रथा बाबा मकना के जवारे आज भी प्रख्यात हैं। बाबा मकना के जवारे देखने के लिए दूर-दूर से हजारों की संख्या में भक्त गण दीपावली के दूसरे दिन देखने आते हैं।
यह जवारे का कार्यक्रम बाबा मकना मंदिर से निकलकर बस्टोप से होते हुए राजवाड़ा कल्याणपुरा से गंगा घाट पर विसर्जन किए जाते हैं। दूर-दूर से आए ग्रामीण पटाखों और रॉकेट छोड़कर इस कार्यक्रम का उत्सव मनाते हैं। इस अवसर पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए जाते हैं।

जवारे के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है और लोग बाबा मकना की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करता है। इस अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं और इस महोत्सव का आनंद लेते हैं।






