
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सर्वे और मूल्यांकन में अनियमितताओं की जांच की मांग
थांदला । बदनावर–पेटलावद–थांदला–टिमरवानी (NH-752D) राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बीच ग्राम सेमलपाड़ा के किसानों और ग्रामीणों ने मुआवजा निर्धारण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। किसानों ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) थांदला को ज्ञापन सौंपकर अधिग्रहित भूमि, मकानों, पेड़-पौधों एवं अन्य संपत्तियों के मुआवजे की निष्पक्ष जांच कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। उन्हें जारी किए गए नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मुआवजा राशि किन-किन मदों को जोड़कर तय की गई है। कई पक्के मकानों का लागत मूल्य भी दर्ज नहीं किया गया, जिससे किसानों में असंतोष है।
किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि का मूल्यांकन वर्तमान बाजार दर के अनुरूप नहीं किया गया। उनका कहना है कि वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर पुनर्मूल्यांकन कर उचित मुआवजा तय किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई किसानों की भूमि, मकान, पेड़-पौधों और अन्य संपत्तियों का सर्वे ही नहीं किया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि छूटे हुए सभी मामलों का पुनः सर्वे कराया जाए और वास्तविक स्थिति के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाए।

इसके अलावा शिवसागर तालाब से लगभग दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई करने वाले किसानों ने भी अपनी समस्या उठाई। उनका आरोप है कि पटवारी द्वारा यह कहकर पाइपलाइन का सर्वे नहीं किया गया कि यह सर्वे के दायरे में नहीं आती। किसानों का कहना है कि यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई तो उनकी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी और खेती को भारी नुकसान होगा। इसलिए इसका भी तत्काल सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।





