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100 दिवसीय भद्रतप आराधना का पारणा त्रिदिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव के साथ संपन्न

जीवन को सफल बनाने का सबसे उचित मार्ग है तप - साध्वी तत्वलताश्रीजी

सौरभ खेमसरा

मेघनगर । ज्ञानतत्व तपोमय चातुर्मास अंतर्गत सोमवार को 100 दिवसीय भद्रतप आराधना के 10 तपस्वियों का पारणा, इस चातुर्मास ओर साध्वी श्री कुसुमलताजी के 108 अट्ठम के उपलक्ष्य में आयोजित त्रिदिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव पूज्य साध्वीजी श्री तत्वलताश्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा -4 की निश्रा में संपन्न हुआ। सोमवार को प्रातः 7.30 बजे अट्ठम तप के 70 से अधिक तपस्वियों का पारणा संपन्न हुआ पश्चात श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर से तपस्वियों का वरघोड़ा प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम परमात्मा की बग्घी में लाभार्थी परिवार श्री शांतिलालजी राकेशजी लोढ़ा परिवार द्वारा लिया गया, उसके पश्चात तपस्वियों की प्रथम बग्घी में तपस्वी श्रीमती मंजूबेन भंडारी, श्रीमती पुष्पबेन सेठ, दूसरी बग्घी में सुदर्शनजी मेहता, अनीताजी मेहता, तीसरी बग्घी में शांता भंडारी, अंगुरबाला रूनवाल, चौथी बग्घी में विमलाजी कोठारी, स्नेहलताजी कावड़िया और पांचवी बग्घी में सुनीताजी मुथा और सीमाजी भंडारी अपने अपने परिजनों के साथ चल रहे थे।

वरघोड़ा नगर के विविध मार्गो से होता हुआ ऑयल मिल ग्राउंड में पहुंचा जहां तपस्वियों को संगीत की लहरियो के साथ मंच पर लाया गया जहा सभी तपस्वियों ने पूज्य साध्वीजी से वासक्षेप करवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। परमात्मा एवं दादा गुरुदेव और पुण्य सम्राट गुरुदेव के चित्र के समक्ष मुकेश जैन, फूलचंद जैन, शांतिलालजी लोढ़ा, आदि द्वारा धूप, दीप, माल्यार्पण किया गया। गुरुदेव एवं साध्वीजी को गुरुवंदन के पश्चात तपस्वियों के वधामना के लाभार्थी परिवार श्रीमती स्नेहलता मनोहरलालजी कावड़िया द्वारा सभी तपस्वियों के अक्षत, मोती और पुष्प से वधामना किया गया तो वही तपस्वियों का बहुमान तिलक, माला, श्रीफल से श्रीमती कविता वर्धमानजी गादिया परिवार महिदपुर वालो ने लिया जिनकी और से बहुमान श्रीमती विमलादेवी कविंद्रजी चौरडिया द्वारा किया गया। श्रीसंघ की ओर से अभिनंदन पत्र से बहुमान श्रीमती आशा मनोहरजी खेमसरा परिवार द्वारा किया गया।bतप अनुमोदना कार्यक्रम में पुज्य साध्वीश्री ने प्रवचन में तप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए तप को जीवन को सफल बनाने का सबसे उचित मार्ग तपस्या है। मेघनगर में हमारे द्वारा विविध तप की प्रेरणा की गई, 10 तपस्वियों ने इस 100 दिन की उग्र तप को गुरुकृपा के साथ पूर्ण किया। मेघनगर संघ द्वारा इनके बियाशना की जो व्यस्था की गई वह अनुमोदनीय है और आज का पारणा के इस आयोजन को देखकर मन में जो प्रसन्नता है उसके लिए कहने को शब्द भी नहीं है। वही महातप आराधना के सफल आयोजन और शानदार व्यवस्थाओ के लिए भद्रतप तपस्वियों की ओर से स्नेहलता कावड़िया और सुनीता मुथा ने साध्वीजी और संघ का आभार माना। पश्चात कार्यक्रम में साध्वीजी भगवंतो को अक्षत, मोती और केशर से वधाया गया, जिसका लाभ भी श्रीमती स्नेहलता मनोहरलालजी कावड़िया परिवार द्वारा लिया गया। अनुमोदना कार्यक्रम के पश्चात इस महातप का पारणा संपन्न हुआ। सभी तपस्वियों को पारणा करवाने का लाभ उज्जैन निवासी राजेशजी प्रकाशजी सकलेचा परिवार द्वारा लिया गया। आज दोपहर में 108 पार्श्वनाथ महापूजा का आयोजन किया गया जिसकी मुख्य पीठिका में बैठने का लाभ दिलीप सागरमल कोठारी परिवार ने लिया। उक्त जानकारी देते हुए रजत कावड़िया ने बताया कि, रविवार को रात्रि में संयम उपकरण वंदनावली का शानदार कार्यक्रम भक्ति में संपन्न हुआ। जिसमे विधिकारक पंकज चोपड़ा द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, तो वही बालिका परिषद की बालिकाओं द्वारा भी सुंदर प्रस्तुति दी गई। रविवार दोपहर में 45 आगम महापूजन का आयोजन किया गया, जिसका की अनुपम लाभ श्रीमती स्नेहलता मनोहरलाल कावड़िया परिवार द्वारा लिया गया। कार्यक्रम का संचालन रजत कावड़िया ने किया, आभार संघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा ने माना।

Navinata Akhbaar
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