सद्गुरु से दोस्ती रखी तो भव से तिरा देंगे- महासति पूज्या मुक्ति प्रभाजी
गणनायक पूज्य प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनजी म.सा. की दीक्षा तिथि पर धार्मिक आयोजन संपन्न

सौरभ खेमसरा
मेघनगर । धर्मदास गणनायक एवं प्रवर्तक जिनेंद्र मुनिजी की 38वीं दीक्षा तिथि पर अणु स्वाध्याय भवन पर विराजित महाविदुषी मुक्ति प्रभाजी आदि ठाणा ने जिनवाणी के माध्यम से गुरु के गुणों पर फरमाया महापुरुष संसार का त्याग कर संयम के मार्ग पर आगे बड़ जाते है जिनेन्द्र का अर्थ जिनवाणी पर श्रद्धा, स्वालम्भी जीवन, जीवन मे नम्रता जीवन से अहंकार को निकाला, संघ का विकास सदगुरु ऐसे होते है जो हमारी गुप्त शक्तियों से हमे रूबरू करवाते है सद्गुरु से दोस्ती रखी तो भव से तिरा देंगे प्रवर्तक श्रीजी को 17 आगम कंठस्त है गुरुदेव मे सेवा,स्वाध्याय,समर्पण के भाव सभी के लिये रहते है उनमे जितनी सरलता अंदर है उतनी ही बहार दिखाई देती है श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मेघनगर द्वारा प्रवर्तक श्री जिनेन्द्र मुनीजी की दीक्षा तिथि जप तप एवं राम रोटी अणु दरबार पर गरीब निसहायजनो को भोजन करवाकर मनाई संघ कोषाध्यक्ष कांतिलाल भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया की गणनायक प्रवर्तक जी की 38वी दीक्षा तिथि के आयोजन में सामूहिक सामायिक उपवास, एकासने, आयंबिल, संवर आदि की तपस्या हुई साथ ही गुरुदेव के सम्मान में गुणानुवाद सभा जिनेन्द्र चालीसा नवकार महामंत्र के जाप आयोजित हुए ओर अध्यक्ष रवि सुराना एवं पंकज वागरेचा गुरु दर्शन हेतु भोपाल पहुँचे संघ उपाध्यक्ष विनोद बाफना ने स्तवन की प्रस्तुति दी प्रभावना तप चक्रेश्वरि स्नेहलता वागरेचा, गजेंद्र पोरवाल, श्याम सुंदर भंडारी परिवार द्वारा वितरित की गई संजय बाफना, गजेंद्र पोरवाल एवं सुदर्शन मेहता परिवार ने जीवदया मे दान राशि सुभाष चंद्र झामर परिवार ने गरीबजन को भोजन करवाने का लाभ लिया संचालन विपुल धोका ने किया





