
थांदला । मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया संस्था के शिक्षक सौरभ दोहरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुवे बताया कि मेजर ध्यानचंद जी का जन्म 29 अगस्त को 1905 को प्रयागराज में हुआ। बचपन में उनमें खिलाड़ी जैसे कोई विशेष लक्षण नहीं थें। पर सतत साधना ,अभ्यास, लगन और संकल्प से उन्होंने हॉकी में महारथ प्राप्त की जो उन्हें विश्वविख्यात बना गई।

भारत के इतिहास पर दृष्टि डाले तो स्पष्ट होता है कि प्रत्येक महापुरुष के जीवन में किसी न किसी खेल का विशेष स्थान रहा है। श्री कृष्ण की गेंद खेल और कालिया नाग दमन की क्रीड़ा ,भीम का गदा युद्ध में अप्रतिम कौशल, अर्जुन का धनुष बाण संचालन और छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरतापूर्ण खेलकूद की गतिविधियां ये सभी केवल मनोरंजन के साधन नहीं थे बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण की सुदृढ़ आधारशिला थे । निःसंदेह इस देश की पावन मिट्टी में खेल खेल में ही भगवान और वीर जन्म लेते रहे है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों की खेल प्रतियोगिता भी की गई।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिका व विद्यालय के संचालक उपस्थित रहे।





