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प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी व सहायक सेल्समैन जितेन्द्र नायक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा

झाबुआ ।  जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर लोकायुक्त इंदौर की टीम ने गुरुवार को जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय झाबुआ में ट्रैप कार्रवाई करते हुए प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी आशीष आजाद और सहायक सेल्समैन जितेन्द्र नायक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नेगड़िया पोस्ट अंतरवेलिया निवासी मनोज ताहेड़ शासकीय उचित मूल्य की दुकान में सेल्समैन का काम करता था। 19 सितंबर को जिला आपूर्ति अधिकारी ने बिना पूर्व सूचना उसके दुकान संचालन का निलंबन कर दिया और इसे किसी अन्य स्वयं सहायता समूह की दुकान में संलग्न कर दिया। इससे परेशान होकर ताहेड़ उसी दिन कलेक्टर कार्यालय स्थित खाद्य विभाग पहुंचा, जहां सहायक सेल्समैन जितेन्द्र नायक से उसकी मुलाकात हुई। नायक ने उससे कहा कि वह उसका दुकान निलंबन हटवा देगा और एफआईआर भी नहीं होने देगा, लेकिन इसके लिए जिला आपूर्ति अधिकारी को “खर्चापानी” देना पड़ेगा।

ताहेड़ के पूछने पर नायक ने कुछ देर बाद लौटकर बताया कि उसने पीजी ग्राउंड पर आशीष आजाद से बात कर ली है और इस काम के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई है। जब ताहेड़ ने कहा कि वह सीधे अधिकारी से मिलना चाहता है, तो नायक ने साफ कह दिया कि “साहब नहीं मिलेंगे, जो बात है मुझसे करो।” इसके बाद पीड़ित ने इस-demand की लिखित शिकायत 21 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को की। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद आज 25 सितंबर को लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर दोनों भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ने की योजना बनाई। तय रकम में से 50 हजार रुपये की पहली किस्त जैसे ही आरोपी नायक और जिला आपूर्ति अधिकारी आशीष आजाद ने मिलकर ली, लोकायुक्त का ट्रैपदल दबिश देकर दफ्तर में ही दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटोरिया, मनीष माथुर, आशीष आर्य और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटोरिया, मनीष माथुर, आशीष आर्य और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।

दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 और धारा 61 (2) भारतीय दंड संहिता 2023 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। झाबुआ में सरकारी राशन व्यवस्था और आपूर्ति विभाग से जुड़े इस बड़े खुलासे ने आमजन में खलबली मचा दी है।

Navinata Akhbaar
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