लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एकता, साहस और राष्ट्रनिर्माण के जननायक : विभा जैन
विद्यालय के संचालक व शिक्षक, शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई

थांदला । मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के 150वी जन्म जयंती के अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुवे विद्यालय की शिक्षिका विभा जैन ने बताया कि आज हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है, जब हम भारत रत्न लौह पुरुष और राष्ट्र एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहे हैं। उनका जीवन, त्याग और राष्ट्र भक्ति की भावना आज भी हमारे हृदय को प्रेरणा देती है। सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे एक साधारण किसान परिवार से थे। परन्तु उनके अंदर असाधारण साहस, दृढ़ता और देशभक्ति की ज्वाला धधकती थी। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने जीवन को ऊंचे आदर्शों से जोड़ रखा ।उनके जीवन का हर क्षण यह सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हो हमारा संकल्प हमें महान बनाता है।

उन्होंने कठिन परिश्रम से शिक्षा प्राप्त की और लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी की । वे एक श्रेष्ठ और सफल अधिवक्ता बने, जब देश की बात आई तो उन्होंने सब कुछ छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम सम्मिलित हो गए।उनकी एक नीति थी हम सब एक है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।वे हमेशा कहते थे कि देश की सेवा का सबसे श्रेष्ठ मार्ग है अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाना।

गुजरात में उनकी प्रतिमा ” Statue of Unity ” है वो केवल एक स्मारक नहीं बल्कि एक प्रतीक है उस भारत का जिसे उन्होंने अपने लौह संकल्प से संभव बनाया यह हमे याद दिलाती है कि जब हम सब एक साथ खड़े होते हैं, तो कोई भी चुनौती हमारे मार्ग में बाधा नहीं बन सकती है। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक व शिक्षक, शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।





