
तेजा गाहरी
राणापुर । आदिवासी विकास परिषद द्वारा आज दिनांक 12 दिसम्बर 2025 को विकास खण्ड राणापुर जिला झाबुआ में एक बड़ा जन आंदोलन आयोजित किया गया, यह आंदोलन क्षेत्र के आदिवासी किसानों, मजदूरों, आदिवासी क्षेत्र में पढे रहे बच्चो, बहनों और ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित 07 प्रमुख समस्याओं हो रहे अत्याचारों के विरोध में किया गया।
उपस्थित जनसमूह द्वारा यह निम्नलिखित जनमांगें रखी गईं
क्षेत्रीय जनता की प्रमुख माँगें :-
1. खाद एवं बीज की समस्या आ रही है, तथा किसानों को दो गुने भाव में खाद दि जारी है जॉच कर दोषीयों के विरूद्ध कार्यवाही करे एवं खाद की उपलब्धता की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए।
2. मनरेगा अन्तर्गत पुल-पुलिया एवं पक्के निर्माण कार्यों की स्वीकृत न होने से क्षेत्रीय संरपचों एवं अन्य जनप्रतिनिधीयों को जनता का असंतोष का सामना करना पड रहा है।
3. राणापुर शराब दुकान मदकुआ झाबुआ रोड प्रतिदिन पिछले दरवाजे से 24 घन्टे खुली रखी जा रही दर्जनों शिकायती आवेदन जिला प्रशासन एवं जिला आबकारी विभाग को देने के बाद भी 24 घन्टे खुली रखी जा रही है ओर दूसरे राज्य के व्यक्ति दुकान के अन्दर निवास कर रहे है ओर चार पहिया वाहनों से अवैध शराब का परिवहन कर रहे है।
4. यह कि आबकारी विभाग एवं शॅराब ठेकेदार की मिली भगत से झाबुआ जिले में 10000 (दस हजार) से भी ज्यादा अवैध शराब के कॉउन्टर खोल दिये गये इस कारण आदिवासी समाज के लोग नशे की आदि हो गये है।
5. राजगढ़-पारा-रजला-राणापुर-टॉण्डी-कुन्दनपुर-पिटोल मार्ग कि विगत 50 वर्षपूर्व से डामरीकरण रोड एक पट्टी बना हुआ है ओर राजगढ से पिटोल तक लम्बाई करीबन 55 किलोमीटर है ओर यह रोड वर्तमान में आठ फिट चौडा बना हुआ है इस मार्ग पर अधिक आवागमन होने से आये दिन कई दुर्घटना एवं एक्सीडेन्ट हो रहे है ओर कई लोग दुर्घटना होने से मृत्यु के शिकर हो गये है बरसात के समय से अधिक दुर्घटना होने से कई परिवार बेघर होगये है। राजगढ पारा-राणापुर-पिटोल मार्ग मुख्य मार्ग दोने से नेशनल हायवे इन्दोर-अहमदाबाद से जुडत है यह मार्ग डबल पट्टी रोड बनाने के लिए वर्ष 2016 में स्वीकृत हुआ था रोड कि स्वीकृती राशि 119451.43 लाख हुई थी इसके बाद वर्ष 2023-24 में स्वीकृत रोड का निर्माण कार्य प्रारम्भ हेतु रोड के आस-पास के पेड को काट दिया गया था व रोड प्रारम्भ हो गया था फिर अचानक रोड निर्माण बन्द कर दिया गया व रोउ नहीं बनाया गया इस प्रकार स्वीकृत राशि का सम्भवत दुरूपयोग किया गया है। माननीय महोदय से निवेदन है कि राजगढ़-पारा-रजला-राणापुर – टॉण्डा-कुन्दनपुर-पिटोल मार्ग जो कि दो पट्टी मार्ग जल्द से जल्द प्रारम्भ करवाया जाए तथा स्वीकृत रोड को आज तक न प्रारम्भ करने वाले दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करे तथा 15 ददिवस के मितर कार्य प्रारम्भ नही किया जायेगा तो सर्व आदिवासी समयज द्वारा जन उग्र आन्दोलन एवं चक्का जाम किया जायगा ।
6. ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन अधिग्रहण कर कम्पनीयो को दि गई है उस अधिग्रहण आदेश को निरस्त करवाया जाए ।
7. किसानों ने फसल बो दि है खेत में पानी सिचाई हेतु बिजली संकट आ रहा है उसका स्थायी समाधान किया जाए।
8. स्कुलों में मध्यान्ह भोजन अन्तर्गत बच्चो को दिये जा रहे भोजन मे मिनू अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है भोजन व्यवस्था सुधार हेतु जिले में जिला स्तर पर एक सेन्टर खोला जाए एवं क्षेत्रीय शैक्षणिका संस्था प्रभारीयों से दिये जाने वाले मध्यान्ह भोजन का प्रतिदिन मोबाईल के माध्यम से विडियों बनाकर डलवाये जाए।
9. पलायन को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्था की जाए एवं नवीन निर्माण कार्य की स्वीकृती जारी करवाई निर्माण कार्य खोले जाए जिससे श्रमिकों को मजदुरी पर लागाया जाने की व्यवस्था की जाए ।
10. छात्रावास आश्रमों में चल रही अव्यवस्था एवं बच्चो को नाश्ता एवं भोजन में मिनु अनुसार नहीं दिया जा रहा है तथा उसकी गुणवत्ता पर मानिटरिंग करवाई जाए ।
हमारी सभी माँगें न्यायसंगत, दजनहितैषी और क्षेत्र के विकास से जुड़ी हुई हैं। अतः माननीय महोदय से निवेदन है कि उपरोक्त बिन्दु का मांग का अपने एवं शासन प्रशासन से पालन करवाये जाने की कार्यवाही की जाए यदि यह नहीं होता है तो सर्व आदिवासी समाज द्वारा उग्र आन्दोलन किया जायेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी ।
ज्ञापन का वचन सुरेश भूरिया के द्वारा किया गया भारी संख्या में लोग मौजूद थे।






