विश्व पूज्य गुरूदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. के 200वें जन्मशताब्दी पर थांदला में चित्रकला प्रदर्शनी को लेकर आया रथ
रथ की शोभा यात्रा में दिखा गुरुभक्तों का भक्तिरस जगह जगह हुई पूजा


थांदला । अभिधान राजेन्द्र कोष के रचयिता प्रसिद्ध तीर्थ मोहनखेड़ा के महानायक दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसुरीश्वर जी म.सा. के 200 वें जन्मशताब्दी महोत्सव पर देश भर में उनके रथ को लेकर दुनिया की विशिष्ट कलाकृतियों से तैयार 1000 चित्रों में से सुंदर भव्य 421 चित्रों की प्रदर्शनी थांदला आदिनाथ भगवान के मंदिर में बने पौषधशाला पर लगाई गई। आयोजन कर्ता रथ संचालक राजू नाणेशा व संघ अध्यक्ष कमलेश जैन (दायजी) ने बताया कि 20 वीं शताब्दी के युग पुरुष जैन धर्म क्रियोद्धारक श्रीमद्विजय राजेंद्रसूरीश्वरजी के जीवन को वर्तमान युवापीढ़ी सहित जन-जन तक पहुँचानें के उद्देश्यों को लेकर परम् पूज्य मुनिराज श्री लाभेशविजयजी म.सा. की पावन प्रेरणा से यह रथ देश के विभिन्न शहर, नगर व गाँवों में प्रचार करते हुए आज थांदला नगर में पहुँचा है।

रथ का स्थानीय संघ ने भव्य अगवानी करते हुए बैंड-बाजों के साथ पूरे नगर के प्रमुख मार्गों में विशाल शोभायात्रा निकाली जिसमें दादा गुरुदेव के भक्तों का भक्ति भाव उनके द्वारा पूजा अर्चना के साथ जयनदों व नृत्य में देखने को मिला। शोभायात्रा का समापन स्थानीय आदिनाथ जिनालय पर हुआ जहाँ संघ के वरिष्ठ मूलचंद जैन, कमलेश दायजी, कमल पीचा, मयूर तलेरा, प्रफुल्ल पोरवाल, रूपेश पोरवाल, कांतिलाल नाहटा, यतीन्द्र दायजी, दिनेश पोरवाल, चंचल भण्डारी, संदीप लोढ़ा आदि संघजनों व स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाहजी, प्रवक्ता पवन नाहर आदि ने प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए अवलोकन किया। पूरे दिन चली इस प्रदर्शनी को निहारने जैन समाज सहित जेनेत्तर समाज के भी अनेक जन शामिल होकर दादा गुरुदेव के चमत्कारों का वर्णन कर मोहनखेड़ा तीर्थ की महिमा गाते रहे।






