
इमरान खत्री
आलीराजपुर । आदिवासी एकता परिषद द्वारा आयोजित 33वां आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन इस वर्ष चेनपुरा तहसील नेपानगर जिला बुरहानपुर मप्र में 13 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहें हैं।जिसको लेकर आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी ने रविवार कों स्थानीय सुरेन्द्र उद्यान में बैठक आयोजित कर रणनीति बनाई हैं। जिसमें जिले से भी हजारों की संख्या में रैली के रूप में समाज जन सम्मिलित होंगे।
कमेटी के बहादुर सिंह रावत ने कहा कि पिछले 33 वर्षों से मानव मूल्यों कों बचाकर मानव – मुक्ति और प्रकृति- मुक्ति के लिए आदिवासी अस्तित्व, एकता, कला-हुनर, इतिहास एवं संस्कृति तथा प्रयावरण संरक्षण कों बचाने के लिए आदिवासी और गैर- आदिवासियों में वैचारिक आंदोलन चला रहें हैं। प्रत्येक वर्ष एक थीम कों लेकर महासम्मेलन आयोजित किया जाता हैं, इस वर्ष की थीम हैं।”उदारीकरण,निजीकरण व वेश्विकरण का मानव एवं प्रकृति पर दुष्प्रभाव और उसके समाधान” रखी गईं है।

तीन दिनों तक विभिन्न विषयों पर होंगी चर्चा
कमेटी के केरमसिंह जमरा ने कहा कि प्रथम दिवस- आदिवासी प्रदर्शनी का उदघाटन,आदिवासी साहित्य एवं कवि सम्मेलन,आदिवासी बाल कार्यशाला, युवा विमर्श सम्मेलन, आदिवासी महिला विमर्श एवं सम्मेलन, आदिवासी बाल सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आदिवासी गीत संगीत का आयोजन किया जायेगा। द्वितीय दिवस आदिवासी एकता महारेली l, महासम्मेलन का उदघाटन, प्रबोधन सत्र, खुला सत्र, मेहमानों का परिचय एवं उदबोधन, महासम्मेलन के प्रस्ताव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं तृतीय दिवस संगठन सत्र में आदिवासी एकता परिषद की विचारधारा, कार्यक्रम एवं रणनीति पर चर्चा, कार्यकृता की आचार संहिता एवं भावी कार्यक्रम तथा संगठन का समापन सत्र आयोजित किए जायेंगे। कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने इस भव्य कार्यक्रम कों सफल बनाने के लिए तन मन धन से सहयोग करते हुऐ अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने कि अपील की गईं हैं। इस अवसर पर अजाक्स जिला अध्यक्ष रतनसिंह रावत, आकास जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर, अजाक्स जिला उपाध्यक्ष नितेश अलावा, जयस प्रदेश प्रभारी मुकेश रावत, जयस जिला अध्यक्ष अरविन्द कनेश, आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष विजय कनेश, आदिवासी एकता परिषद के कछला भाई, रमेश डावर, मगनसिंह मोरी,छितुसिंह बामनिया, बसंत अजनार, भुवानसिंह भाबर, जयस कार्यकृता विक्रम सिंह बामनिया,विजय भाई कनेश, उस्ताक भाई, अश्विन मेहता, देवीसिंह सोलंकी एवं सोमसिंह डावर आदि उपस्थित थे।





