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आकास जिला अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026 के समर्थन में लिखा पत्र

विनियम उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक न्यायपूर्ण समतामूलक एवं संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा:- भंगुसिंह तोमर

इमरान खत्री

आलीराजपुर । आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास) जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने भारत सरकार का राजपत्र में प्रकशित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2026, उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी भारत सरकार नई दिल्ली, डॉ. विनीत जोशी अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार नई दिल्ली,  अंतरसिंह आर्य अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार नई दिल्ली एवं महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल मध्यप्रदेश सरकार राजभवन भोपाल को ज्ञापन भेजकर अधिसूचना के संबंध में अनुरोध करते हुए कहा कि आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास), मध्यप्रदेश, संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों, सामाजिक न्याय एवं समतामूलक व्यवस्था के संरक्षण हेतु सतत् कार्यरत एक सामाजिक प्रतिनिधि संगठन है। संगठन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026 का पूर्ण समर्थन करता है तथा इसे भारतीय संविधान की आत्मा के अनुरूप एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल मानता है।यह विनियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 15(5), 16(4), 21, 38 एवं 46 में निहित समानता, सामाजिक न्याय एवं अनुसूचित जनजातियों के शैक्षणिक हितों के संरक्षण की संवैधानिक प्रतिबद्धता को सशक्त रूप प्रदान करता है। अनुसूचित जनजाति समाज ऐतिहासिक, सामाजिक एवं संरचनात्मक कारणों से उच्च शिक्षा में असमानता, भेदभाव तथा अवसरों की कमी का सामना हमेशा से करता रहा है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों में समता प्रकोष्ठों की स्थापना, भेदभाव निवारण की संस्थागत व्यवस्था, उत्तरदायित्व एवं निगरानी तंत्र जैसे प्रावधान आदिवासी विद्यार्थियों को गरिमामय, सुरक्षित एवं समान अवसर युक्त शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में अत्यंत आवश्यक एवं प्रासंगिक हैं। यह UGC (समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता (Constitutional Morality), बंधुत्व तथा समावेशी लोकतंत्र की भावना को सुदृढ़ करने वाला दस्तावेज़ है,साथ ही यह आदिवासी समाज के जीवन-दर्शन—समानता, सामुदायिक सहभागिता एवं न्याय—से भी गहरे रूप से संबद्ध है।

 आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास), मध्यप्रदेश जिला इकाई आलीराजपुर निम्न बिंदुओं पर अपना स्पष्ट मत एवं अपेक्षा प्रस्तुत करता है :-

1. UGC (समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 का संपूर्ण एवं स्पष्ट समर्थन।

2. विनियम के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु केंद्र एवं राज्य स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

3. समता प्रकोष्ठों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी एवं सामाजिक लेखा (Social Audit) सुनिश्चित की जाए।

4. अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के लिए संवेदनशील, भेदभाव-मुक्त एवं प्रतिनिधित्व आधारित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

      तोमर ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि यह विनियम भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक न्यायपूर्ण, समतामूलक एवं संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा आदिवासी एवं अन्य वंचित वर्गों के लिए शिक्षा को वास्तविक सशक्तिकरण का माध्यम बनाएगा।

Navinata Akhbaar
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