
सोमल चौहान
कसरावद । शासकीय महाविद्यालय कसरावद में प्राचार्य डॉ आर एस ठाकुर के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की एन एस एस इकाई एवं साझी विरासत के संयुक्त तत्वाधान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर प्राचार्य एवं अतिथियों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रारंभ में प्राचार्य द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि श्री राजाराम खांडे द्वारा पंच गण व्यवस्था एवं अंग्रेजों ने आदिवासियों लोगों के जल जंगल जमीन पर कैसे कब्जा किया, एवं अंग्रेजों द्वारा कैसे कर वसूली की जाती थी प्रकाश डाला। विशेष अतिथि गुलाब देवले द्वारा बताया गया कि उस समय कम संसाधन होने के बावजूद भी जंगल में रहने वाले आदिवासी जल, जंगल ओर जमीन की रक्षा कैसे करते थे। साझी विरासत से आए भारत चौहान द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के जन्म से लेकर मृत्यु तक उनके द्वारा किए गए अनेक संघर्षों एवं अंग्रेजों के शासन को कैसा खदेड़ना तथा उन्हें किस प्रकार से जेल में डालकर मृत्यु दी गई के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत एवं पूर्व छात्र प्रवीण मोहिने द्वारा किया गया और आभार एनएसएस इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ एस आर सोलंकी ने माना। कार्यक्रम में महाविद्यालय से एम एस भाटिया, ग्रंथपाल दीपक राठौड़, चंद्रकांत हिंगोले, महेंद्र पटेल, विशाल भाबर, जयस मिडिया प्रभारी सोमल चौहान, आदिवासी छात्र संगठन अध्यक्ष अमित मेवाड़े़, कपिल भालसे, सोनाली ओसारी, सोनाली ओसारी, गरिमा भूरिया, रणवीर माथुर, मनीष गांगले एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।






