अजाक्स ने आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

इमरान खत्री
आलीराजपुर । मध्य-प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अधिकारी कर्मचारी संगठन (अजाक्स) के आह्वान पर अजाक्स जिला इकाई आलीराजपुर एवं जिले के विभिन्न सामाजिक, संवैधानिक, कर्मचारी एवं नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा कार्यकर्ताओं के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार मंजू डावर कों उचित न्याय एवं संवैधानिक संतुलन की दृष्टि से ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारत सरकार कों जिसमें श्री संतोष कुमार वर्मा, भा.प्र.से. (2012) के विरूद्ध IAS अवार्ड / नियुक्ति वापस लेने एवं उन्हें सेवा से पृथक करने जैसे कठोर कार्यवाही के सम्बन्ध में सौंपा गया हैं। अजाक्स जिला अध्यक्ष रतनसिंह रावत ने कहा कि अजाक्स प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष वर्मा के संबंध में हम ने शासन-पत्र के द्वारा की जा रही कार्यवाही को सोशल मीडिया/सार्वजनिक माध्यमों पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर देखा-पढ़ा, तथा प्रकरण के न्यायिक, विभागीय और तथ्यात्मक पहलुओं का निकटता से अवलोकन / अध्ययन किया है हमारी विनम्र किन्तु दृढ़ धारणा है कि श्री संतोष वर्मा के विरूद्ध IAS अवार्ड वापस लेने जैसा असाधारण कदम न तो विधि संमत है,ना ही तथ्यात्मक रूप से न्यायसंगत और न ही यह प्राकृतिक न्याय तथा संवैधानिक मर्यादा के अनुरूप प्रतीत होता है।

आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास) जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने कहा कि भोपाल में आयोजित अजाक्स कर्मचारी सम्मेलन में संतोष वर्मा द्वारा आदिवासी समुदाय की प्रचलित भाषा – शैली में सामाजिक समरसता के संदर्भ में कुछ शब्द,उदाहरण के रूप में प्रयुक्त किये गये थे. सम्मेलन में उन्होंन- विवाह के समय प्रचलित शब्द कन्यादान के स्थान पर बेटी-दान शब्द का उल्लेख किया, तथा अपने लड़के के विवाह के संदर्भ में अपने लड़के से संबंध जैसे कथन का प्रयोग किया। हमारे अवलोकन के अनुसार इन कथनों का आशय सामाजिक रूढ़ियों पर विमर्श, तथा समरसता एवं समानता के पक्ष में विचार रखने का था, परंतु इन शब्दों को अलग सन्दर्भ में प्रस्तुत कर, प्रदेश के कुछ वर्गों के द्वारा इसे अपमान एवं बेइज्जती के रूप में प्रचारित किया गया।इस घटना के बाद विशेष रूप से-प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,ब्राह्मण समाज के संगठन,ब्राह्मण समाज के जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं चैनलों के द्वारा संगठित ढंग से इस विषय को उछाला गया और राज्य में ऐसा वातावरण बनाया गया, मानो यह वक्तव्य प्रदेश की शांति सौहार्द के लिए खतरा हो,वास्तविकता में सामाजिक संगठनों ने यह देखा कि यह एक ऐसा अभिमान बन गया कि जिसमें किसी आदिवासी अधिकारी द्वारा समरसता की भाषा में दिए गए वक्तव्य को विवाद बनाकर कड़ी सजा दिलवाने हेतु शासन पर दबाव निर्मित किया गया।

अजाक्स के जिला उपाध्यक्ष संतोष सोलंकी ने कहा कि ब्राह्मण समाज अभियान और दबाव की पुष्टि करने वाला ताजा घटनाक्रम (दिनांक 14.12.2025) यह भी उल्लखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन की मंत्रालय शाखा में पदस्थ श्री सुधीर नायक द्वारा आज दिनांक 14.12.2025 को सार्वजनिक रूप से सोशल माध्यमों में यह संदेश प्रसारित कर उल्लेखित किया गया है कि प्रदेश में संतोष वर्मा के विरूद्ध सरकार पर दबाव बनाने में ब्राम्हाण समाज, उनके संगठनों, नेताओं एवं सोशल मीडिया चैनलों ने सहयोग किया, जिसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया गया।हम सामाजिक संगठनों का यह कहना है कि इस प्रकार का सार्वजनिक धन्यवाद संदेश, स्वयं इस तथ्य को बल देता है कि श्री संतोष वर्मा के मामले में एक संगठिन दबाव-तंत्र (Pressure Ecosystem) सक्रिय था। और उसी दबाव के आधार पर राज्य शासन द्वारा एकतरफा/अत्याधिक कठोर निर्णयात्मक प्रस्ताव तैयार कर DOPT को भेजागा।
संगीता चौहान ने कहा हैं कि एक अनुसूचित जनजाजि अधिकारी के समरसता आधारित वक्तव्य को अपराध एवं अयोग्यता की तरह प्रस्तुत कर के दंडात्मक कार्रवाई की दिशा बनाना, समता एवं सामाजिक न्याय के संवैधानिक मूल्यों के विपरीत प्रतीत होता है।
इस अवसर पर अजाक्स जिला उपाध्यक्ष नितेश अलावा, जिला सचिव लालसिंह डावर, सुरेन्द्र सिंह चौहान, जोबट ब्लाक अध्यक्ष पातालसिंह चौहान, बहादुर सिंह रावत, रमेश डावर, मुकेश रावत, अरविन्द कनेश, केरम जमरा, गुलाबी तोमर, सुनीता जाटव, विद्या बंदोड, राजुभाई जाटव, मगनसिंह मोरी, सरपंच निरंजन पटेल, खजानसिंह चौहान, भूपेंद्र सिंह बघेल, मालसिंह तोमर, डॉ. विकास भयडिया, करमसिंह किराड़, अमरसिंह अलावा, भीमसिंह बघेल, गजेंद्र सिंह कनेश सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।





