थांदला में क्लोरीन गैस रिसाव, प्रशासन की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना
49 लोग प्रभावित—स्थिति नियंत्रण में


थांदला । नगर मे वाटर फ़िल्टर प्लांट में शुक्रवार को तकनीकी खराबी के चलते क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के कारण प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास मौजूद नागरिक भी प्रभावित हुए। हालांकि प्रशासन की त्वरित और सतर्क कार्रवाई के चलते स्थिति को शीघ्र ही नियंत्रण में ले लिया गया, जिससे किसी बड़ी जनहानि की संभावना टल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) भास्कर गाचले, नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कमलेश जयसवाल एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एस. डी. पिल्लई अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। साथ ही थांदला एवं मेघनगर की फायर ब्रिगेड टीमों को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिसाव की गंभीरता को देखते हुए मेघनगर स्थित औद्योगिक इकाइयों से तकनीकी सहायता ली गई, जिससे गैस के प्रभाव को कम करने और स्थिति को सुरक्षित बनाने में मदद मिली। इसके अलावा इंदौर से विशेषज्ञों की एक टीम भी थांदला पहुंची, जो शेष टैंकों और संयंत्र की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
बीएमओ थांदला द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर लगभग 20 से 25 लोगों को सांस लेने में कठिनाई, घबराहट और आंखों में जलन जैसी शिकायतें हुईं। सभी प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। बाद में एहतियातन क्षेत्र में सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुछ अन्य लोगों में भी हल्के लक्षण पाए गए, जिन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया। वर्तमान में कुल 49 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं और सभी की स्थिति सामान्य एवं स्थिर बताई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए संयंत्र की तकनीकी खामियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की मुस्तैदी और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। क्षेत्र में अब सामान्य जनजीवन बहाल हो चुका है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।





