रिंगनोद नगर मे शिव गौरी विवाह उत्सव में झूमे भक्त, धूमधाम से निकली भोलेनाथ की बारात
शिव महापुराण कथा गुरुदेव ने कहा- बच्चों को नहीं दिए संस्कार, तो अंतिम संस्कार में आएगी परेशानी

योगेश गवरी
रिंगनोद । नगर रिंगनोद में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पूरा वातावरण शिवमय हो गया। कथा स्थल पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आज कथा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए।
बेटियां हैं साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप
कथा व्यास गुरुदेव ने अपने प्रवचन में वर्तमान समय में संस्कारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों को सचेत करते हुए एक कटु सत्य कहा कि, “अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, नहीं तो आपके अंतिम संस्कार में परेशानी आएगी।”
बेटियों के महत्व का वर्णन करते हुए गुरुदेव ने कहा कि घर की बेटियां लक्ष्मी समान होती हैं। जब घर में बेटी का आगमन हो तो उत्सव मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “हर बेटी के भाग्य में पिता होता है, लेकिन पिता के भाग्य में सौभाग्य से ही बेटी होती है।”

धूमधाम से निकला शिव जी का बाना
कथा के दौरान जैसे ही शिव विवाह का प्रसंग आया, पूरा पांडाल ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने अत्यंत धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ भगवान शिव की बारात निकाली। इस दौरान विवाह उत्सव मनाया गया जिसमें महिला-पुरुष श्रद्धालु भजनों की धुन पर जमकर थिरके।
शिव विवाह की झांकी और उत्सव के दौरान उपस्थित जनसमूह की भक्ति देखते ही बन रही थी। कथा के अंत में आरती की गई और प्रसादी वितरण हुआ।





