कृषिक्राइमगैजेट्सटेक्नोलॉजीदेशधार्मिकमध्यप्रदेशमनोरंजनमौसमराजनीतिलाइफस्टाइलविदेशव्यापारशिक्षा

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में व्याख्यान का आयोजन किया गया

जल, जंगल, जमीन  आदिवासियों का मूल मंत्र है, वे  प्रकृति के संरक्षक है-प्रो. रायसिंह सोलंकी

यश राठौड़

बड़नगर । शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़नगर में जनजाति गौरव भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और राष्ट्र निर्माण के योगदान को उल्लेखित करने के उद्देश्य से व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वक्ता प्रो. रायसिंह सोलंकी सहायक प्राध्यापक शासकीय माधव महाविद्यालय उज्जैन (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस) उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो .सुनील उदीवाल ने की । विषय वस्तु की जानकारी कार्यक्रम प्रभारी डॉ.किरण मंडलोई द्वारा दी गई। मुख्य वक्ता द्वारा अपने वक्तव्य में जनजातीय समाज के महानायको के योगदान पर चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, आदिवासी समुदाय के भगवान ‘धरती बाबा’ भगवान बिरसा मुंडा ने अपने साहस से स्वाधीनता संग्राम में हिस्सा लिया। उनके द्वारा स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में जनजातीय समुदाय द्वारा किए गए विद्रोह और विभिन्न गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि जल, जंगल, जमीन आदिवासियों का मूल मंत्र है, वे प्रकृति के संरक्षक है। साथ ही बाबा अंबेडकर द्वारा संविधान में वर्णित आदिवासियों के अधिकारों एवं प्रमुख अधिनियम के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नेहा डोडिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा संपूर्ण स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम का समापन आभार प्रो.मनोहर सिंह निगवाल द्वारा किया गया।

Navinata Akhbaar
IMG_1778519643904

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!