शौर्य साहस के प्रतिमूर्ति शहीद चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया गया
चंद्रशेखर आजाद यह नाम न केवल एक व्यक्तित्व अपितु एक प्रचंड ज्वाला का प्रतीक है।

संदीप वर्मा
थांदला । मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला द्वारा चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका विद्या भदाले द्वारा विधार्थियो को संबोधित करते हुवे कहा कि आज 27 फरवरी को भारत की पावन धरती एक ऐसे ओजस्वी सपूत को श्रद्धा के फूल अर्पित करती है, जिसने अपने अनुपम शौर्य और असीम बलिदान से आजादी की अमिट गाथा लिखी।

चंद्रशेखर आजाद यह नाम न केवल एक व्यक्तित्व अपितु एक प्रचंड ज्वाला का प्रतीक है। जिन्होंने अग्रेजों की हुकूमत को अपने तेज से भस्म करने का अटूट संकल्प लिया था। वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे जिनके हृदय में देश प्रेम की ज्वाला धधकती थी ।जिनके साहस से भारत के करोड़ों मन को स्वतंत्रता का सपना जागृत किया। उनकी पुण्यतिथि हमें उन तेजोमय जीवन की स्मृति में झुकने और उनके अधूरे संकल्पों को पूर्ण करने का आह्वान करवाती है।आजाद जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डाला इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा आजाद जी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर विद्यालय का स्टॉफ ओर मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय के संचालक भूषण भट्ट उपस्थित रहे।






