देशधार्मिकमध्यप्रदेश

थांदला नगर में निकली 80 धर्मचक्र तपस्वियों की जयकार यात्रा

श्रीसंघ थांदला ने करवाये तपस्वियों को पारणें - मेहता परिवार ने लिया नवकारसी का लाभ

सौरभ खेमसरा

 थांदला । नगर में तप प्रधान जिन शासन में चातुर्मास कल्प में संत-सतियों सहित अनेक श्रावक श्राविका तपस्या कर अपनी आत्मा का कल्याण करते है। थांदला नगर में सामुहिक आराधना का आश्चर्यजनक माहौल है, जहाँ पिछले वर्ष बुद्धपुत्र प्रवर्तक देव के आज्ञानुवर्ती पूज्य श्री संयतमुनिजी के वर्षावास में 72 वर्षीतप व 65 सिद्धितप की ऐतिहासिक आराधना हुई थी वही इस वर्ष निखिल वर्षावास में युवा से लेकर प्रौढ़ 80 आराधकों ने धर्मचक्र की आराधना की है। संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, मंत्री प्रदीप गादिया ने बताया कि 34 दिन की उग्र धर्मचक्र की सामुहिक आराधना का अंतिम पड़ाव चल रहा है ऐसे में सभी तपस्वियों के तप अनुमोदना, उनके उत्साहवर्धन व बहुमान का लक्ष्य लेकर थांदला संघ ने सभी तपस्वियों की जयकार यात्रा निकाली। यात्रा स्थानीय पौषध भवन से प्रारम्भ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई महावीर भवन पर सम्पन्न हुई जहाँ श्रीसंघ ने सभी तपस्वियों के उतार में बेले तप के पारणें करवाये वही संघजनों व अतिथियों की नवकारसी का लाभ महेन्द्र कुमार इंदरमल मेहता परिवार ने लिया। 

ऐसे होती है धर्मचक्र की आराधना

धर्मचक्र तप के बारें में जानकारी देते हुए नवयुवक मंडल अध्यक्ष रवि लोढ़ा व संघ प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि जिन शासन में तपस्वी अनेक प्रकार से तप करते है जिसमें धर्मचक्र भी प्रमुखता से किया जाता है। इसमें आराधक क्रमशः 1 उपवास फिर पारणा फिर 2 उपवास फिर परनस इस तरह से 5 उपवास तक चढ़ते है फिर इसी तरह से वापस 1 तक उल्टे क्रम में तप करते हुए उतरते है। एक परिपाटी में 25 दिन तप के व 9 दिन पारणें के आते है। इस दौरान तपस्वी यहाँ विराजित महासती पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा – 4 के द्वारा व्रत के प्रत्याख्यान ग्रहण करते है व उनसे सामूहिक रूप से वंदना स्वाध्याय आदि करते है। इस दौरान तपस्वी रात्रि चौविहार करते है, जमीकंद सहित सचीत द्रव्य का उपयोग भी नही करते है व सायं प्रतिक्रमण करते हुए आराधना में लगे हुए दोषों की शुद्धि करते है। उल्लेखनीय है कि जिन शासन में इस प्रकार की कठोर साधना को महान कर्मों की निर्जरा का हेतु मानते हुए मोक्ष का मार्ग माना जाता है।

Navinata Akhbaar
IMG_1778519643904

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!