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बिरसा मुंडा क्रिकेट कप पेटलावद का भव्य समापन

जूनियर क्लब पेटलावद ने दमदार प्रदर्शन कर जीती विजेता ट्रॉफी

धर्मेश सोनी 

 पेटलावद । स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाली बिरसा मुंडा क्रिकेट कप प्रतियोगिता का समापन रविवार को रोमांचक फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। फाइनल मैच में जूनियर क्लब पेटलावद ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए बामनिया टीम को 16 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए जूनियर क्लब पेटलावद ने सधी हुई बल्लेबाजी के दम पर 91 रनों का लक्ष्य बामनिया के सामने रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बामनिया की टीम, जिसमें झाबुआ जिले के प्रसिद्ध खिलाड़ी शाहिद, आबिद, वसीम एवं पीडी जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल थे, पेटलावद के स्थानीय युवा खिलाड़ियों के सामने टिक नहीं सकी और निर्धारित ओवरों में लक्ष्य हासिल करने में असफल रही।

जूनियर क्लब पेटलावद की ओर से सभी खिलाड़ियों ने टीम भावना के साथ खेलते हुए बेहतरीन फील्डिंग, सटीक गेंदबाजी एवं संयमित बल्लेबाजी का परिचय दिया, जिससे मुकाबला पूरी तरह उनके पक्ष में रहा।

व्यक्तिगत पुरस्कार

• फाइनल मैन ऑफ द मैच रोहित 

• मैन ऑफ द सीरीज लोमेश भट्ट

• बेस्ट बल्लेबाज लोमेश भट्ट

• बेस्ट गेंदबाजरू सचित निर्मल

विजेता टीम के कप्तान अंकित फतरोड को विजेता ट्रॉफी एवं ₹51,000 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

 हिमांशु मुनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती पर समरसता भाव एवं एकजुटता के भाव के लिए यह आयोजन किया गया। 

 अतिथियों का उद्बोधन

पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि रमेश जी सोलंकी, अध्यक्ष जनपद पंचायत पेटलावद ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा

“क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। बिरसा मुंडा क्रिकेट कप जैसे आयोजन ग्रामीण व कस्बाई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। पेटलावद के स्थानीय खिलाड़ियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मंच मिले तो वे बड़े खिलाड़ियों को भी कड़ी चुनौती दे सकते हैं। मैं आयोजन समिति को सफल प्रतियोगिता के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।”

विशेष अतिथि सुरेश डावर ने कहा कि ऐसे टूर्नामेंट से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और नशा व गलत प्रवृत्तियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है।

हेमेन्द्र जी राठौड़ ने खिलाड़ियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और खेल भावना ही सफलता की कुंजी है।

कांतिलाल जी सोलंकी ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के खेल आयोजन क्षेत्र की पहचान बनते जा रहे हैं।

 आयोजन एवं सहयोग

प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजक हिमांशु मुनिया, विजय भैया परमार एवं निलेश डामर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में विष्णु मेड़ा, विमल गेहलोत, अनिरुद्ध अग्रवाल, आनंद प्रजापत, दीपक जी सोलंकी, रोहित मुन्नत, रविराज गुर्जर, सुभाष मुलेवा, संतोष गुजराती एवं राकेश भाई पीपाड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही कार्यक्रम का सफल संचालन यश रामावत, भरत चौधरी द्वारा किया गया।

समापन अवसर पर खेल प्रेमियों की भारी उपस्थिति रही तथा पूरे आयोजन में उत्साह और खेल भावना का वातावरण बना रहा।

Navinata Akhbaar
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