

तेजमल गाहारी
राणापुर । हरिद्वार भारत माता मंदिर के संस्थापक महा मंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद जी के सुयोग्य शिष्य आचार्य रामानुज का राणापुर पर अति स्नेह रहा हे। इसीलिए दिनांक 23 दिसंबर से 29 दिसंबर 24 तक राणापुर में श्रीमद भागवत कथा का श्रीफल लाभार्थी पडियार परिवार ने अर्पण किया। परिवार ने भी तैयारी प्रारंभ कर दी हे। आचार्य रामानुज ने अपनी कथा यात्रा 1995 में राणापुर से ही प्रारंभ की थी जिसका संयोजन पंडित योगेश्वर जोशी ने किया था। गीता भवन में आयोजित इस कथा की इतनी लब्धी रही कि चौथी बार कथा के माध्यम रूप राणापुर में पधार रहे हे।वैसे पच्चीसों बार राणापुर को रामानुज के चरण पखारने का सौभाग्य प्राप्त हुआ हे। आचार्य रामानुज के निर्देशन में अखिल भारतीय स्तर पर श्री हरिकथा समिति का गठन भी किया जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में राणापुर के ही गंभीरमल राठी को नवाजा गया। उपाध्यक्ष रमेश सोनी ने बताया कि 1995 के बाद 2011 में पुनः राणापुर में कथा का व्यापक स्तर पर शंखनाद हुआ इसके बाद हरिद्वार, रामेश्वर, नेमीसारन्य, बद्रीनाथ,द्वारिका ,जगन्नाथ पूरी,चित्रकूट,पीपलखुटा आदि तीर्थ भूमि पर कथा का आयोजन किया गया।आचार्य रामानुज ने भारत की धरती पर चारों धाम के साथ दाहोद, झाबुआ, पारा, जोधपुर, मंदसौर आदि स्थानों पर अपनी वाणी बिखेरते हुए सात समंदर पार इंग्लैंड के लंदन, लेस्टर, कौवेट्री, अमरीका के शिकागो,सेनफ्रांसिस्को, फीनिक्स, कोलम्बस, डलास, साउथ अफ्रीका के डरबन, जोहानिसबर्ग, केपटाउन,फ्रांस स्पेन, दुबई आदि जगहों पर श्री रामकथा ओर भगवद कथा के माध्यम से वर्तमान समय की चकाचौंध के बावजूद भी युवाओं को धर्म के प्रति अग्रसर किया हे।भारतीय आध्यात्म को युवा चेतना के साथ जोड़ना ओर गतिशील करना आचार्य श्री की पहली प्राथमिकता हे। राणापुर का यह सौभाग्य हे कि सनातन संस्कृति के उन्नयन,प्रचार ओर प्रसार के लिए बाल ब्रह्मचारी रहने वाले आचार्य रामानुज का सप्त दिवसीय सानिध्य मिलने वाला हे। समस्त पड़ियार परिवार ने इस कथा के मुख्य यजमान बनने का लाभ लिया हे। पीयूष उपाध्याय,कृष्णपाल सिंह चंद्रावत,निलेश सोनी,योगेश पड़ियार ,सुरेश समीर आदि समिति सदस्यों ने कथा का लाभ लेने की अपील की हे। कथा के प्रथम चरण की तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया हे। कथा कृष्ण गार्डन एम जी रोड पर होगी। समय दोपहर 1:00 बजे से 5:00






