सिद्धवड में हुआ आचार्यों का मिलन


सौरभ खेमसरा
मेघनगर । शाश्वत जैन तीर्थ भूमि श्री शत्रुंजय महातीर्थ की घेटी तलेटी स्थित श्री सिद्धवड में थराद निवासी श्रीमती दिवालिबेन लल्लूभाई दोशी परिवार द्वारा पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयंतसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब के पट्टधर वर्तमान सौधर्म बृहद तपागच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज आदि शताधिक साधु साध्वी भगवंत की निश्रा में आयोजित 2000 से अधिक चुस्त आराधकोंयुक्त श्री जयन्तोत्सव उपधान तप आराधना में मंगलवार को कच्छ वागड़ श्री कलापूर्णसुरी समुदाय के आचार्य भगवंत श्री आनंदवर्धन सुरीश्वरजी महाराज एवं त्रिस्तुतिक समुदाय के आचार्य श्री नरेंद्र सुरीश्वरजी महाराज का आज आत्मीय मिलन हुआ। उक्त जानकारी देते हुए नवयुवक परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रजत कावड़िया ने बताया कि, इस उपधान आराधना में अभी तक वल्लभकेसरी समुदाय के गच्छाधिपति श्री नित्यानंद सूरीश्वरजी महाराज सा, श्री नेमी सूरीश्वरजी महाराज सा के समुदाय के आचार्य श्री जयप्रभ सूरीश्वरजी महाराज सा, सागर समुदाय के मुनिराज श्री विनम्र विजयी महाराज सा, श्री भुवनभानु सूरी समुदाय के श्री रश्मिरत्न सूरीश्वरजी महाराज सा, जीतो संस्थापक आचार्य श्री नयपद्मसागर सुरीश्वरजी महाराज साहब भी इस महोत्सव में पधारकर आराधकों को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए, पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराजा से आत्मीय मुलाकात कर चुके है।





