
सौरभ खेमसरा
मेघनगर । मुलतः गुजरात पंचमहाल जिले के तालुका सेहरा के गांव अणियाद से भटके भीखा भाई विगत 10 महीने से न जाने कहाँ कहाँ भटके होंगे। इसी भटकाव के दौरान वो मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले अंतर्गत थांदला रोड कस्बे में आ पहुंचे। तीन दिनों से वो कस्बे में विचरण कर रहे थे तभी उन पर कस्बे से सेवा भावी कार्यकर्ता निवेश परमार ,दिनेश गाहरी व अश्विन की उन पर नजर पड़ी । सभी बड़े ही सेवा भावी है और सतत् मानव सेवा में अपना अमूल्य योगदान देते है, इस केस में भी उन्होंने जब भीखा भाई को भटकते हुए देखा तो अपने पास बुलाकर उनकी पूछपरख की साथ ही भोजन व विश्राम की व्यवस्था कर घर परिवार की तलाश शुरू की ।
इसी क्रम में जिले के सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रामीण वनवासी संघ मेघनगर के अध्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास्तव से भी सम्पर्क किया गया। श्रीवास्तव वर्षों से भूले भटको असहायों के लिए कार्यरत है।

भीखा भाई की आंशिक रूप से मानसिक स्थिति ठीक नही है, सो उनसे बातचीत का विडीओ बनाया गया व फोटो लेकर सोशल साइट्स पर डाले गए ,जिसका परिणाम हुआ कि साथी मित्र अश्विन के परिचित शैलेश भाई ने फोटो विडीओ में भीखा भाई को पहचान लिया और व अश्विन से संपर्क किया । विडीओ कोल पर परिजनों से बात करवा कर कन्फर्म हुआ कि उक्त भटके व्यक्ति उन्ही के परिवार से है जो विगत 10 महीनों से लापता है। इसी बीच परिजन को लोकेशन भैज कर स्थान की जानकारी भेजी गई ,आज देश शाम परिवार के सदस्यों का आगमन हुआ तथा भीखा जी को परिवार के साथ अपने घर हेतु प्रस्थान कर गये।





