ABVP की संगोष्ठी में डॉ. अंबेडकर के विचारों का उद्घोष, शिक्षा ही वह हथियार है जिससे दुनिया बदली जा सकती है

तेजा गाहरी
राणापुर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की राणापुर नगर इकाई द्वारा सामाजिक समरसता दिवस के उपलक्ष्य में पीएमश्री शासकीय छात्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राणापुर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता कु. भूमिका पंवार (झाबुआ विभाग छात्रा प्रमुख, मालवा प्रांत SFS सह-संयोजक) ने अपने उद्बोधन में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं।”
सामाजिक समरसता और सशक्तिकरण पर ज़ोर
कु. पंवार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने हमें सिखाया कि “शिक्षा ही वह हथियार है जिससे दुनिया बदली जा सकती है।” उन्होंने बताया कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे देश का सामाजिक और आर्थिक दर्शन है। उनका सपना एक ऐसे भारत का था जहाँ किसी के साथ जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव न हो। उन्होंने आगे जोड़ा कि राष्ट्र निर्माण, संस्कृति संरक्षण, चरित्र निर्माण और युवाओं के व्यक्तित्व विकास में वैचारिक जागरूकता और सामाजिक समरसता की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस अवसर पर रानापुर नगर मंत्री पारस गेहलोत और शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ की अध्यक्ष देवयानी अजनार भी उपस्थित रहीं।





