थांदला में जश्ने हज़रत ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ मनाया गया
रजब का चांद दिखने के बाद शुरू हुआ 813वां उर्स

थांदला – हिन्दू मुस्लिम की आस्था के प्रतीक ख्वाजा मोइन उद्दीन चिश्ती रहमत उल्लाह अलैय ख्वाजा गरीब नवाज के 813 वे उर्स मुबारक मौके पर अजमेर सहित पूरे देश मे छटी शरीफ मनाई गई। उसी तारतम्य में थांदला गौसिया जामा मस्जिद में छठी शरीफ (जश्ने ग़रीब नवाज़) मनाई गई। जामा मस्जिद में ईशा की नमाज के बाद निजामी कमेटी की जानिब से जश्ने गरीब नवाज प्रोग्राम रखा गया था। जिसमें खिताब फरमाने के लिए गौसिया जामा मस्जिद इमाम हजरात मौलाना इस्माईल बरकाती साहब व रतलाम से हजरत मौलाना बिलाल अहमद निजामी साहब तशरीफ़ लाए थे।
प्रोग्राम का आगाज क़ारी हफीज हसन रिज़वी साहब ने कुरान शरीफ पढ़कर किया । मौलाना बिलाल अहमद निजामी साहब ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के जीवन पर बयान फ़रमाया।
प्रोग्राम के आखिर में हजरत मौलाना इस्माईल बरकाती साहब ने देश में अमन चैन व खुशहाली के लिए दुआ फरमाई।
प्रोग्राम में मुस्लिम पंच सदर हश्मतुल्लाह पठान,सेकेट्री मो. ऱफ़िक़ शेख़,हाजी अब्दुल हक़ शेख़,हाजी गुलाम कादर खान,हाजी मो.सलीम खान,यूसुफ खत्री,हाजी शाहिद निजामी,सलाम खत्री, नासिर खान,हाजी अब्दुल समद खान,आरिफ़ खान,अहमद नूर रंगरेज,अत्ताउल्लाह खान,मो.रफीक खान आदि मुस्लिम समाज जन मौजूद रहे।

रजब का चांद दिखने के बाद शुरू हुआ 813वां उर्स
अजमेर शरीफ में आयोजित होने वाला उर्स एक प्रसिद्ध विश्वव्यापी धार्मिक तीर्थयात्रा है, जिसमें दुनियाभर से आए लोग हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं । राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की 813वें उर्स की शुरुआत बुधवार को रजब (इस्लामी माह) का चांद नजर आने के बाद हो चुकी है और इसी के साथ उर्स की धार्मिक रस्में भी शुरू हो चुकी हैं।
बता दें कि अजमेर शरीफ की दरगाह को 13वीं सदी के सूफी संत, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का अंतिम विश्राम स्थल माना जाता है।यह भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में एक है । अजमेर शरीफ दरगाह में सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की समाधि है। इन्हें ख्वाजा गरीब नवाज के नाम से भी जाना जाता है।मोईनुद्दीन चिश्ती एक करिश्माई और दयालु आध्यात्मिक उपदेशक थे, जिन्हें आध्यात्मिक चमत्कार करने की ख्याति प्राप्त थी।अजमेर शरीफ का दरगाह सदियों से श्रद्धा का स्थल है, जोकि हिन्दु-मुस्लिम सभी को आकर्षित करता है।





