ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं मोक्ष की प्राप्ति होती है
अंतिम दिन श्रद्धालुओ का उमडा जन सैलाब

योगेश गवरी
रिंगनोद । अति प्राचीन बाबा मनकामनेश्वर महादेव मंदिर पर चल रही पांच दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण के तहत कथा वाचक बालकृष्ण नागर ने अपार्जन समुदाय को संबोधित करते हुए बताया कि यह कथा ज्ञान भक्ति और वैराग्य का संगम है जो जीवन के सभी कासन को दूर कर मोक्ष प्रदान करती है आगे उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंग का वर्णन बताते हुए कहा कि भगवान शिव जो स्वयं में महाकाल है जिनका कल भी कुछ बिगड़ा नहीं सकता जिनके दर्शन मात्र से मोक्ष प्राप्ति होती है वह त्रिकालदर्शी हैं भूत भविष्य और वर्तमान के ज्ञाता है पृथ्वी पर वह ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विद्यमान है धार्मिक क्षेत्र में अलग-अलग जगह पर उनके 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित है जिनके दर्शन से लोगों की मनोकामना पूर्ण होती है दुख दूर होते हैं धन संपदा वैभव प्रसिद्ध की प्राप्ति होती है जो व्यक्ति प्रतिदिन 12 ज्योतिर्लिंग के नाम जपता है।वह सभी कासन से मुक्त हो जाता है। अतः मनोकामना की पूर्ति के लिए इन ज्योतिर्लिंगों के नामों का जाप किया जाता। शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव लोक कल्याण के लिए लिंग के रूप में वास हैं और भगवान शिव के बारह विग्रहों को द्वादश ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। सर्वप्रथम श्रीसोमनाथ का स्मरण है। ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं। इनका एक नाम भोला भी है। इस दरमियान लगातार रिमझिम वर्षा होती रही। इस अवसर पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती रही। भव्य आयोजन में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। आज अंतिम दिन कथा सुनने के लिए भक्तों की अपार भीड़ रही। सभी भक्तों द्वारा कथा वाचक का सम्मान किया गया। वही कई श्रद्धालुओं ने प्रसादी के रूप में खिचड़ी, दूध, का वितरण किया, शाम को महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।





