देशमध्यप्रदेश

नेताओं के वाटर प्रुफ टेंट और बिस्लेरी का पानी, नन्हें बच्चों को तपती धूप में बैठाया पानी भी नसीब नहीं हुआ

स्वतंत्रता दिवस पर हुई जनपद पंचायत मेघनगर की लापरवाही

सौरभ खेमसरा

झाबुआ – मेघनगर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेघनगर के मुख्य ध्वजारोहण स्थल पर जनपर पंचाचत की लापरवाही के कारण हजारों स्कूली बच्चों को भारी परेषानी झेलना पड़ी। भारत का संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है किंतु ब्यूरोक्रेसी में बैठे निम्न मानसिकता वाले अधिकारीयों इसका पालन राष्ट्रीय पर्वो पर भी नहीं करते। शहर के दशहरा मैदान पर स्वतंत्रता दिवस का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाना था, इसके लिए प्रषासन ने बैठक लेकर तमाम व्यवस्थाएं विभागवार करने हेतु निर्देषित किया था बावजूद इसके राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए हजारों बच्चों को शामियाना या छायादार टेंट की व्यवस्था ना होने से तेज धूप के कारण भारी परेषानी झेलना पड़ी। जनपद पंचायत मेघनगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्य, नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभागों के अधिकारीयों के लिए छायादार टेंट के साथ वाटर प्रुफ टेंट लगाया ताकि ये जिम्मेदार धूप में काले ना हो और बारिष हो तो भीगे नहीं। तमाम नेताओं और अधिकारियों के लिए 20 रूपए प्रतिलिटर वाला बिस्लेरी पानी की बोतले टेबलों पर सजाई गई किंतु नन्हे नन्हें बच्चों को तीन घंटो तक पानी के लिए तरषाया गया। हैरानी तो तब हुई जब जनपद पंचायत में मैदान में कुर्सी लगाने या बिछात लगाने में भी कंजुसी दिखा दी, जिससे चलते स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के प्रति उत्साह रखने वाले विद्यार्थीयों ने जान जोखिम में डाल कर कार्यक्रम स्थल पर अवैध रूप से पार्किग में खड़े मिक्सर मषीन पर झुड में 2 से 3 घंटे तक खड़े रह कर कार्यक्रम देखा। जनपद पंचायत मेघनगर के सीईओ अंतर सिंड डावर पूरे आयोजन में अपने अधिकनस्थ कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे किंतु उन्हें कार्यक्रम स्थल पर फैली अव्यवस्थाों को सूधारने या बैठक व्यवस्था ना होने के कारण थैलागाड़ियों पर खड़े रह कर कार्यक्रम देख रहे बच्चों की सुरक्षा की तनिक भी चिंता नहीं व्यक्त नहीं की। देश को आजाद हुए तो 78 साल हो गए किंतु वीआईपी व्यवस्था के नाम पर हर बार बच्चों या आम लोगों और नेता- अधिकारियों के बीच अंतर बना रहता है। ये अंतर भारत के सविधान में प्रद्त्त समानता के अधिकार का हनन है, क्योंकि एक ओर प्रशासन या आयोजक खुद अपने ऊपर बडी धनराषि खर्च करता है जबकि जिनके लिए यह आयोजन होता है उन्हें पूरे समय तेज धूप में तपना पड़ता है बावजूद इसके वो किसी से इसकी षिकायत नहीं करते शायद यहीं राष्ट्र भक्ति है जो यह बताती है कि कौन असल में असली राष्ट्र भक्त है।

फोटो:-

1. मिक्सर मषीन पर खड़े होकर आयोजन देखते विद्यार्थी  2. टेंट के निचे बैठे नेता – अधिकारी धूप में तपते रहे बच्चे

Navinata Akhbaar
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