

नगर के नाबालिक बच्चे भी हो रहे सट्टा और आईडी के शिकार
सौरभ खेमसरा
मेघनगर । नगर के व्यस्थ बस स्टैंड टीचर्स कॉलोनी ओर टेंपो चौराहा में इस समय बेखौफ सट्टा खिलाया जा रहा है। सट्टा खेलने वालों के कई घर बर्बाद हो चुके हैं। सट्टा कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि इन को किसी भी प्रकार से कानून अथवा समाज का कोई डर नहीं रह गया है। नाबालिक बच्चे भी इनकी चपेट मे फसते चले जा रहे हे।सूत्रों की माने तो सट्टा खेलने वालों को तो कुछ फायदा नहीं हुआ है मगर सट्टा खिलाने वालों के दिन दुगनी और रात चौगुनी जैसी हो रही है। मेघनगर के कुछ नगरवासी दबी जुबान से यह भी कहते हैं सट्टा खिलाने वाले कोई यूं ही और साधारण व्यक्ति नहीं है या काफी शातिर और होशियार हैं और यही नहीं सट्टा खिलाने में जो आमदनी होती है उसका हिस्सा कुछ अन्य जगहों पर भी जाता है। सट्टे का कारोबार व्हाट्सएप और चिट्ठी पर किया जा रहा है।ब्बस स्टैंड, टीचर्स कॉलोनी, टेंपो चौराहे पर प्रतिदिन एक अनुमान के मुताबिक लगभग एक लाख से अधिक की खाई सट्टा किंग द्वारा की जाती है। यहां पर सट्टा किंग द्वारा अपने एजेन्ट चाय, पान ठेला एवं किराना दुकानों में बैठाए गए हैं जो सेठ बनकर सबकी आंखों में धूल झोंककर सट्टे की खाई वाली कर रहे हैं।
ऐसे लूट रहे हैं युवा बेरोजगार को
सट्टाव्यापारी द्वारा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में चार प्रकार के सट्टा का धंधा संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत लालच में आए लोगों से हजारों रुपए की लूट की जा रही है। जैसे टाइम बाज़ार, मिलन डे, कल्याण एवं नाइट मिलन सुबह 11 बजे से रात्रि 12 बजे तक सट्टे की खाई की जाती हैं। यहां चारों सट्टे के अंक ओपन-क्लोज के नाम आठ: खेले जाते हैं। जिनमे युवा बेरोजगार, बच्चे, महिलाएं 1 के 9 के चक्कर में अपना पैसा एवं समय दोनों बर्बाद कर रहे हैं।





