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वनवास, केवट–राम मिलन व भरत मिलाप प्रसंग ने श्रोताओं को किया भावविभोर

कथा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए

तेजा गाहरी 

राणापुर । श्रीकृष्ण गार्डन में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के छठे दिन भक्तिमय वातावरण में कथा का भावपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। प्रातः समस्त यजमान परिवारों द्वारा पूज्य संत स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया गया। स्वागत पश्चात आरती उतारकर प्रसाद अर्पित किया गया और कथा श्रवण प्रारंभ हुआ।

कथा के आरंभ में स्वामी जी ने निरंतर सेवा व मेहनत के लिए बालक समर (टिंकू) राठौड़ का सम्मान किया। स्वामी जी ने बताया कि कथा के प्रथम दिन से लेकर अब तक समर पूरे समर्पण के साथ, विद्यालय के समय के साथ संतुलन बनाकर कथा सेवा में जुटा हुआ है, जो अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है।

कथा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी सत्य प्रकाश जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभु श्रीराम राजपाट का त्याग कर माता सीता व भ्राता लक्ष्मण के साथ धर्म और वचन पालन हेतु वन गमन करते हैं। यह प्रसंग त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है।

इसके पश्चात केवट–राम मिलन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। केवट की निष्कलंक भक्ति, निष्काम सेवा और प्रभु के चरण धोने की भावना ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। स्वामी जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम और केवट का संवाद समाज को समता, प्रेम और सेवा भाव का संदेश देता है।

स्वामी जी ने आगे भरत मिलाप प्रसंग का भी अत्यंत भावुक चित्रण किया। जब भरत जी चित्रकूट में प्रभु श्रीराम से मिलते हैं, तो दोनों भाइयों का यह मिलन त्याग, प्रेम और आदर्श भाईचारे की अनुपम मिसाल बन जाता है। भरत जी का चरणों में गिरकर विलाप करना और अयोध्या लौटने का आग्रह, वहीं श्रीराम का धर्म व वचन पालन हेतु अडिग रहना—इन दृश्यों के वर्णन से श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।

कथा के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास काल के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।

हनुमान जन्मोत्सव का भव्य आयोजन

इसी क्रम में हनुमान जन्मोत्सव का पावन प्रसंग भी श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राठौड़ परिवार की ओर से लोकैश रमेश जी राठौड़ एवं उनकी धर्मपत्नी रीना राठौड़ यजमान के रूप में उपस्थित रहे। यजमान परिवार द्वारा विधिविधान से पूजन-अर्चन कर हनुमान जी की आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया।

स्वामी जी ने अपने प्रवचन में कहा—

“जहां राम हैं, वहां हनुमान स्वयं उपस्थित रहते हैं।”

उन्होंने युवाओं से हनुमान जी के चरित्र से शक्ति, संयम, भक्ति और सेवा भाव को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

आज राम कथा की पोथी पर अनिल शंभू लाल सोनी परिवार की ओर से गुप्ता जी को ₹51000 की सप्रेम भेंट की गई

विशिष्ट अतिथियों का हुआ स्वागत

कथा के समापन अवसर पर राणापुर के तहसीलदार श्रीहुकुमचंद निंगवाल, थाना प्रभारी श्री दिनेश रावत, कुक्षी-से पधारे अनिल भाई पाटीदार अपनी टीम सहित सहित अनेक अतिथियों का पूज्य स्वामी जी द्वारा स्वागत किया गया।

इसके अतिरिक्त राणापुर पत्रकार संघ, आदिवासी समाज, करणी सेना, ठाकुर समाज, सत्यवीर तेजाजी मंदिर समिति,बुनकर समाज महिला मंडल, रविदास समाज, रोहित कॉलोनी रामायण मंडल राणापुर राठौड़ समाज के साथी सहित विभिन्न समाजों केआज के प्रसाद के लाभार्थी ओम प्रकाश जीवन सोनी की या से प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई।

अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीराम कथा के छठे दिन का सफल समापन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य, सफल और स्मरणीय बना दिया।

Navinata Akhbaar
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