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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत थांदला में युवा संगम कार्यक्रम संपन्न

संदीप वर्मा

थांदला ।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में खंड थांदला द्वारा आयोजित युवा संगम कार्यक्रम थांदला नगर में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 1890 युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया। आयोजन को तीन सत्रों—खेल, बौद्धिक चर्चा एवं सामूहिक भोजन—में संचालित किया गया।

मुख्य वक्ता मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री राजमोहनसिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति की पूजा करने वाले सभी लोग हिंदू हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और आने वाले समय में राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी सबसे अधिक युवाओं पर ही है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए टंट्या मामा, बिरसा मुंडा, शहीद चंद्रशेखर आज़ाद तथा संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी के जीवन प्रसंगों के माध्यम से युवाओं को त्याग, समर्पण और देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से “सर्वे भवंतु सुखिनः” और “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के साथ विश्व का मार्गदर्शन करता आया है।

राजमोहनसिंह जी ने स्वयंसेवकों से हिंदू समाज में भेदभाव फैलाने वाली प्रवृत्तियों का मुकाबला करने का आह्वान किया तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास हेतु युवाओं को पाँच संकल्प अपनाने की प्रेरणा दी—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व-बोध और नागरिक अनुशासन। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा अपने कार्य को पूरी निष्ठा से करते हुए राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखे।

कार्यक्रम में मंच पर मालवा प्रांत प्रचारक श्री राजमोहनसिंह जी एवं माननीय खंड संघचालक श्री जितेंद्र जी राठौड़ उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोजन के साथ संपन्न हुआ। यह युवा संगम संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करना था।

Navinata Akhbaar
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