
सौरभ खेमसरा
मेघनगर । नगर के रम्भापुर रोड स्थित प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर का 26वाँ स्थापना दिवस बेहद हर्षोल्लास, धूमधाम और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
गंगाजल व पंचामृत से हुआ महाअभिषेक, किया आकर्षक श्रृंगार
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सुबह से ही मंदिर में धार्मिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई थी। विद्वान पंडितों के सानिध्य में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा का गंगाजल, दूध, दही, घी, शक्कर और शहद (पंचामृत) से विधि-विधान पूर्वक महाअभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात गजाननजी, हनुमान जी का मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
दोपहर में हुई भव्य महाआरती
दोपहर ठीक 12:00 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी विद्वान पंडित हरीश शर्मा के आचार्यत्व में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद यजमान राजेश (रिंकू) जैन, राजेश सोलंकी, उदित शर्मा द्वारा भगवान सिद्धिविनायक, भोलेनाथ जी, हनुमान जी, माताजी की भव्य महाआरती उतारी गई।
विशाल भंडारे में 4000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
महाआरती के संपन्न होने के तुरंत बाद विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन किया गया। इस भंडारे में मेघनगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए तकरीबन 4000 श्रद्धालुओं ने भगवान का आशीर्वाद स्वरूप भोजन प्रसादी ग्रहण की। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि दोपहर से शुरू हुआ प्रसादी वितरण का यह सिलसिला देर रात तक अनवरत चलता रहा। विद्युत साज-सज्जा से झिलमिला उठा मंदिर परिसर
इस रजत जयंती वर्ष के बाद के विशेष आयोजन को लेकर मंदिर को कई दिन पहले से ही तैयार किया जा रहा था। संपूर्ण परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी विद्युत लड़ियों (लाइटिंग) से सजाया गया,जो रात के समय आकर्षण का केंद्र बनी रही।
लखन देवाण, बंटी मोटवानी, हरीराम गिरधानी, मुकेश परमार, महेंद्र सोलंकी, हर्षित प्रजापत, शंकर प्रजापत,पंकज राका, जितेन्द्र नागर,अतुल गर्ग, मुकेश मेहता, कार्तिक सोलंकी आदि भक्तगण मौजूद थे
समिति ने जताया आभार
इस पूरे भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दीं। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सभी कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर समिति के सदस्यों ने नगर व क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों, श्रद्धालुओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।





