
सौरभ खेमसरा
मेघनगर। आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब एवं प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब के शिष्य तपस्वी राज दिलीप मुनि जी का लिमखेड़ा व महासती आदर्श ज्योति महाराज साहब का इंदौर में देवलोक गमन होने के समाचार प्राप्त हुए जिससे नगर के जैन समाज में शोक की लहर छा गई महासती आदर्श ज्योति जी महाराज साहब नगर की भंडारी परिवार की पुत्री थी 10 दिसंबर 1972 में उमेश मुनि जी महाराज साहब से संयम जीवन अंगीकार किया था 55 वर्षों तक संयम जीवन का पालन करते हुए जिन शासन को गौरवान्वित किया आपकी अनेक शिष्याएं हैं सन 1995 – 96 में नगर में आपका चातुर्मास हुआ था जिसमें कई तपस्वियों ने कठोर तप किए थे महावीर भवन में विराजित साध्वी भगवंत मुक्ति प्रभा जी महाराज साहब के सानिध्य में चार लोगस्स का ध्यान एवं नवकार महामंत्र के जाप किये। स्थानकवासी श्री संघ के सदस्य विपुल धोका ने बताया नगर सहित थान्दला, झाबुआ, पेटलावद ,राणापुर, रतलाम ,धार राजगढ़, उज्जैन ,बड़वानी खंडवा एवं महाराष्ट्र राजस्थान के हजारों श्रद्धालु भक्तों ने डोल (अंतिम यात्रा) में भाग लेकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। स्थानकवासी जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश भंडारी ने बताया तपस्वीराज पुज्य दिलीप मुनि जी महाराज साहब की दीक्षा 5 जनवरी 2009 आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में लिंमड़ी में संपन्न हुई थी । आपके सांसारिक पिता का नाम बाबूलाल कर्नावट एवं माता का नाम कमलाबाई कर्नावट व सांसारिक पत्नी का नाम मधु बहन कर्नावट था। पूरा कर्नावट परिवार भरा पूरा एवं धनाज्ञ परिवार था दीक्षा पश्चात अनेक शास्त्रों का गहन अध्ययन किया अनेक स्थानों पर चातुर्मास कर जिन शासन को शोभायमान किया । 2025 का चतुर्मास गोधरा होना तय हुआ था जिसके लिये मुनि पैदल विहार करते हुए लिमखेड़ा पहुचे जहाँ उनका देवलोक गमन हुआ पश्चात देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु लिमखेड़ा पहुँचे एवं डोल (अंतिम यात्रा) में नगर सहित हजारों श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं सम्मलित हुए एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किए।






