
झाबुआ जिले के ग्राम गरवाखेड़ी में गेहूं की खड़ी फसल में अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खेत में आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास के किसानों की फसल भी खतरे में पड़ गई। घटना की जानकारी तुरंत डायल-112 को दी गई।
सूचना प्राप्त होते ही थाना रायपुरिया की एफआरवी-09 टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। टीम में आरक्षक क्रमांक 378 नानूराम और पायलट दीपक मचार शामिल थे। कुछ ही समय में ग्राम गरवाखेड़ी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उस समय तक आग गेहूं की फसल में तेजी से फैल रही थी और आसपास के किसान भी आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए थे। मौके पर पहुंचते ही डायल-112 टीम ने ग्रामीणों को संगठित कर आग बुझाने के लिए सामूहिक प्रयास शुरू किया। पानी, मिट्टी और हरे पेड़ों की टहनियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। टीम के मार्गदर्शन में ग्रामीणों ने तेजी से कार्य करते हुए आग को फैलने से रोकने के लिए चारों तरफ से घेरकर बुझाने का प्रयास किया।

करीब कुछ समय की कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया। समय रहते आग बुझा लेने के कारण आसपास की कई खेतों की फसल को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। यदि आग पर समय पर काबू नहीं पाया जाता तो कई किसानों की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो सकती थी।
ग्रामीणों ने डायल-112 टीम की तत्परता और साहस की सराहना की। उन्होंने बताया कि सूचना देने के कुछ ही समय बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे स्थिति को जल्दी संभालने में मदद मिली। आरक्षक नानूराम और पायलट दीपक मचार ने भी ग्रामीणों का सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में ऐसी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल-112 पर सूचना देने की अपील की।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से किसी भी आपदा या संकट की स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से ग्राम गरवाखेड़ी में एक बड़ी दुर्घटना टल गई।





