तेज आवाज वाले साइलेंसर पर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, 4 बाइक जब्त कर काटे चालान
वाहन में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन करना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन है

झाबुआ । शहर में तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाकर बाइक चलाने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार बाइकों को जब्त कर चालानी कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई से नियमों की अनदेखी कर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, शहर में पिछले कुछ समय से तेज आवाज करने वाले साइलेंसर लगाकर बाइक चलाने की शिकायतें लगातार पुलिस को मिल रही थीं। इन बाइकों से निकलने वाली तेज आवाज से आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए यह आवाज बेहद असुविधाजनक साबित हो रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया।
अभियान के तहत कोतवाली पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर वाहन चेकिंग की गई। इस दौरान कई दोपहिया वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान चार ऐसी बाइक पाई गईं जिनमें नियमों के विरुद्ध तेज आवाज करने वाले साइलेंसर लगाए गए थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों बाइकों को जब्त कर लिया और संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन करना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन है। विशेष रूप से तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाना कानूनन अपराध है, क्योंकि इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आम नागरिकों को परेशानी होती है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध परिवर्तन न करें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस का कहना है कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाकर बाइक चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। नागरिकों का कहना है कि तेज आवाज वाले साइलेंसर से शहर में अनावश्यक शोरगुल और असुविधा बढ़ती है। ऐसे में पुलिस की यह पहल सराहनीय है और इससे शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे भी समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा सके और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।





