नाहर परिवार संचालित त्रिभुवन जैन संगठन ट्रस्ट द्वारा भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न
संत निश्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश नाहर डायमण्ड रत्न से सम्मानित

थांदला/नागौर । जैनाचार्य पद्मश्री गोडवाल भूषण नित्यानंदजी महाराज के पावन सान्निध्य में नाहर परिवार द्वारा संचालित त्रिभुवन जैन संगठन ट्रस्ट द्वारा विगत दिनों राजस्थान के नागौर में अजमेर बीकानेर हाइवे पर प्रसिद्ध अट्टीयासन पर नाहर कुलदेवी माँ भवानी माता मंदिर के समीप नाहर एकता कॉलोनी में जैनियों के 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथजी का त्रि दिवसीय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न हुआ।
जानकारी देते हुए नाहर परिवार संघ के पवन नाहर ने बताया कि यहाँ कमलाकार भव्य मंदिर निर्माण कर भगवान श्रेयांसनाथजी के साथ ही नाकोड़ा भैरूजी, शंखेश्वर पार्श्वनाथजी, गौतमस्वामीजी एवं नाहर कुल के कुलगुरु मानदेवसूरिजी, मुनिसुव्रतस्वामीजी एवं पद्मावती माताजी की दिव्य प्रतिमाओं की भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से प्रतिष्ठा की गई। मंदिर निर्माण में सक्रिय सहभागिता, सेवा, समर्पण व द्रव्य सहयोग में कुशल भूमिका निभाने के लिए आचार्यश्री ने ट्रस्ट अध्यक्ष राजेश पी. नाहर (पुणे) का सार्वजनिक रूप से अभिनंदन करते हुए डायमंड रत्न की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित परिषद को आचार्य श्री ने सम्बोधित कर दान का महत्व प्रकाशित करते हुए जिन मंदिर में तन-मन-धन से सहयोगी को मोक्ष का अधिकारी बताते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष राजेश नाहर ने महज 8 माह की अल्प अवधि में कमल मंदिर निर्माण में जो समर्पण भाव दिखाया है, उसे नाहर परिवार का इतिहास के लिए अविस्मरणीय बताया।महोत्सव की सफलता में चेन्नई के वरिष्ठ समाजसेवी तोलाचंद नाहर, उपाध्यक्ष प्रवीण नाहर, राकेश नाहर, श्रेणिक नाहर (चेन्नई), सुभाष नाहर व विनोद नाहर (पुणे), अरुण नाहर (बैंगलोर) तथा मंदिर व्यवस्थापक मनोज नाहर (नागौर) सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के प्रमुख हाइवे पर देशभर के लाखों नाहर परिवार की कुलदेवी माँ भवानी के भव्य मंदिर के समीप ही भगवान श्रेयांसनाथजी सहित प्रसिद्ध तीर्थ शंखेश्वर पार्श्वनाथजी व नाकोड़ा भैरूजी की प्रतिमा सहित अन्य प्रतिमाओं के यहाँ प्रतिष्ठित होने से यह स्थान तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्धि पा रहा है।





