राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गीत गाया

संदीप वर्मा
थांदला । विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा सामूहिक गाया गया मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गीत गाया गया इस अवसर पर विद्यालय के संचालक भूषण भट्ट द्वारा विद्यार्थियों को वंदे मातरम के महत्व पर प्रकाश डालते हुवे बताया कि वंदे मातरम भारत माता की आराधना और राष्ट्र जीवन चेतना को जागृत करने का अदभुत मंत्र है वंदे मातरम इस गीत को सन 1875 में श्रद्धेय बंकिमचंद्र जी चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था। 1896 में कांग्रेश के राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रिय कवि श्रद्धेय रविन्द्र नाथ जी ठाकुर द्वारा स्वसर गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था तब से ही यह गीत देश भक्ति ही नहीं राष्ट्र की आत्मा की ध्वनि बन गया।

वन्दे मातरम राष्ट्र की आत्मा का गान बन गया। जो हर भारतीय को प्रेरणा देता है। वन्दे मातरम अपने दिव्य प्रभाव से 150 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी सम्पूर्ण भारतवासियों को राष्ट्र के प्रति अटूट श्रद्धा, समर्पण और निष्ठा की ओत प्रोत प्रेरणा का स्त्रोत बना हुआ अपनी सामर्थ्यता का बोध करवाता है।





