देवी स्वरूप नौ दुर्गा का पूजन कर कन्या पूजन और गरबा उत्सव मनाया
नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब, एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है

संदीप वर्मा
थांदला । मेट्रो एजुकेशन एकेडमी विद्यालय थांदला में विद्यार्थियों के साथ विद्यालय की देवी स्वरूप नौ दुर्गा का पूजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका कविता पंदा द्वारा कन्या पूजन और नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डाले हुवे कहा कि कन्या पूजन स्त्रीत्व और पवित्रता का सम्मान करने वाला अनुष्ठान है। जिसमें देवी दुर्गा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किया जा सकता हैं इसलिए कन्या पूजन का विधान है। सद्गुणों का विकास पवित्रता, मासूमियत और नारी के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो लोगों में विनम्रता और समानता की भावना विकसित करती है। और आशीर्वाद प्राप्त करते है। भारत की प्राचीन संस्कृति और परम्परा को बनाए रखने सहायक हैं।
नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब
एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है ….
नवदुर्गा के नौ स्वरूप :-
1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या “शैलपुत्री” स्वरूप है।
2. कौमार्य अवस्था तक “ब्रह्मचारिणी” का रूप है।
3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह “चंद्रघंटा” समान है।
4. नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह “कूष्मांडा” स्वरूप में है।
5. संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री “स्कन्दमाता” हो जाती है।
6. संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री “कात्यायनी” रूप है।
7. अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह “कालरात्रि” जैसी है।
8. संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से “महागौरी” हो जाती है।
9. धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार में अपनी संतान को सिद्धि (समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली “सिद्धिदात्री” हो जाती है।
इस अवसर पर विधालय के बच्चे अपने परंपरागत वेशभूषा में सम्मिलित हुवे। विद्यालय के संचालक भूषण भट्ट, अशोक शर्मा और विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं ने नव दुर्गा के स्वरूप का पूजन किया और फल वितरण कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विद्यालय परिसर में विद्यालय परिवार का गरबा रास हुआ ।





