अध्यक्ष बनते ही किरण श्रीश्रीमाल ने थांदला गौरव के आगामी चातुर्मास को लेकर निकाली अणु दर्शन यात्रा
श्रीसंघ के करीब 80 सदस्यों ने की प्रवर्तकश्री से भाव विभोर विनंती


थांदला । श्री धर्मलता महिला मंडल की नवीन कार्य कारिणी का गठन श्रीमती पुष्पा प्रकाशचंद्र घोड़ावत की अध्यक्षता में हुआ जिसमें आगामी दो वर्षों के लिए सर्व सम्मति से धर्मनिष्ठ सुश्राविका किरण नरेंद्रकुमार श्रीश्रीमाल को अध्यक्ष, श्रीमती अर्चना राजेश गादिया को सचिव व श्रीमती सीमा संजय चौरड़िया को कोषाध्यक्ष के रूप में चुना गया। इस अवसर पर श्रीमती पुष्पा घोड़ावत ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में सचिव गरिमा श्रीश्रीमाल व कोषाध्यक्ष सुनीता प्रवीण पिचा के साथ संघ सेवा के अवसर में सहयोग के लिए सभी श्राविकाओं सहित सकल संघ का आभार मानते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया वही नवीन कार्यकारिणी को बधाई देते हुए उन्हें हर प्रकार से सहयोग करने की भावना व्यक्त की। आगामी वर्ष 2025 से 27 तक के लिए महिला मंडल की बागड़ोर मिलने पर श्रीमती किरण श्रीश्रीमाल ने कहा संघ सेवा के साथ सामुहिक आराधना के अवसर को सफल बनाने में सभी महिलाओं की भूमिका विशेष रहती है ऐसे में गुरुभगवन्त के आशीर्वाद और उनके निर्दर्शन में हम सभी मिलकर परस्पर सहयोग देते हुए धर्म की प्रभावना करें। श्रीमती किरण ने अध्यक्ष बनते ही अणु दर्शन यात्रा का आयोजन किया जिसमें श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, कोषाध्यक्ष रजनीकांत शाहजी, पूर्व सचिव कनकमल घोड़ावत, वरिष्ठ मार्ग दर्शक रमेशचंद्र श्रीश्रीमाल, दिलीप शाहजी, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत, वीर माता पिता स्नेहलता अशोक मोदी, वीर माता तारा भंसाली, वीर पत्नी संध्या भंसाली सहित थांदला गौरव सभी संतों के परिजन मित्रवृन्द आदि वर्षीतप आराधको में सूरजमल श्रीमाल, पवन नाहर, सपना व्होरा, आशा व मंजू श्रीमाल मण्डल पूर्वाध्यक्ष रवि लोढ़ा सहित करीब 80 सदस्यों ने मिलकर रतलाम विराजित संत श्री धर्मदास गण नायक बुद्धपुत्र प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. एवं पुण्य पुंज महासती पूज्या श्री पुण्यशीलाजी म.सा. आदि ठाणा के दर्शन वंदन कर जिनवाणी श्रवण का लाभ लेते हुए थांदला के सभी संतों के आगामी चातुर्मास की विनंन्ति की। संघ सदस्यों ने रतलाम के बाद कुशगढ़ विराजित तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. के भी दर्शन वंदन कर उनकी पर्युपासन करते हुए आगामी चातुर्मास की भावना से अवगत करवाया। उल्लेखनीय है कि थांदला गौरव संतों में तत्वज्ञ श्री सबसे बड़े संत है अतः उनके सानिध्य में ही शेष थांदला गौरव संत गुरु भाई पूज्य श्री संदीपमुनिजी, पूज्य श्री प्रशस्तमुनिजी, पूज्य श्री सुयशमुनिजी, पूज्य श्री जिनांशमुनिजी एवं नवदीक्षित पूज्य श्री ललितमुनिजी के एक साथ थांदला चातुर्मास का भव्य नजारा देखने को थांदला जैन संघ ही नही अपितु जेनेत्तर वर्ग भी आतुर है। ऐसे में यदि प्रवर्तकश्री भी सभी संतों के थांदला चातुर्मास की स्वीकृति दे देते है तो तत्वज्ञश्री का 15 वर्षों बाद चातुर्मास होगा वही शेष सभी संतों के साथ थांदला में पहला चातुर्मास होगा।
अपने अर्थ का सदुपयोग कर अणु दर्शन यात्रा के सम्पूर्ण लाभार्थी बनने पर श्री धर्मलता महिला मण्डल ने श्रीमती किरण व नरेंददकुमार का मोतियों की माला पहनाते हुए बहुमान करते हुए संघपति के जयकारें लगाये।






