
कैलाश परमार
काकनवानी । गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर श्री 108 रामदास त्यागी टाट वाले बाबा के सानिध्य में निमाड़ के गौरव कथा वाचक पंडित शैलेंद्र जी शास्त्री के मुखारविंद से श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर काकनवानी परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण कथा का सोमवार को भक्तिमय वातावरण के बीच समापन हुआ।
यह कथा आयोजन 19 मई 2026 से 25 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आयोजित किया गया। कथा का शुभारंभ प्रथम दिन 21 कलशों के साथ हुआ। वहीं प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से 11 बजे तक महिलाओं द्वारा रास-गरबा एवं भजन मंडलियों द्वारा कबीर भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर रहा।

कथा वाचक पंडित शैलेंद्र जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए 12 ज्योतिर्लिंगों के महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने अपने प्रवचनों में सनातन धर्म से जुड़े रहने का संदेश देते हुए भगवान शिव के परिवार की तरह आपसी प्रेम, एकता और सद्भाव से जीवन जीने की प्रेरणा दी।
श्री 108 रामदास त्यागी टाट वाले बाबा के सानिध्य में संगीतमय भजनों तथा “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा काकनवानी शिवमय हो उठा।

कथा के अंतिम दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कथा वाचन किया गया। इसके पश्चात कथा के मुख्य जजमान एवं सिद्धेश्वर शिव मंदिर समिति द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान गुरुजी का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। महिलाओं एवं शिव भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव की आरती उतारी। कार्यक्रम का समापन पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें ग्रामवासियों और शिव भक्तों ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया।





